'प्रशांत किशोर नहीं फेल हुई जनता', बिहार चुनाव में मिली करारी हार पर जनसुराज पार्टी का बड़ा बयान

बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती संकेतों ने जहां बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को मजबूत बढ़त दिलाते हुए दिखाया, वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के लिए तस्वीर खास उत्साहजनक नहीं रही। प्रारंभिक रुझानों के अनुसार पार्टी किसी भी सीट पर पकड़ बनाती नहीं दिखी। इस निराशाजनक प्रदर्शन पर पार्टी की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि वे जनता तक अपना संदेश सही ढंग से पहुंचाने में पिछड़ गए।

मनोज भारती का आत्ममंथन

जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज भारती ने स्थिति पर स्पष्ट व बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “हमने शुरू से ही बिहार में राजनीति की नई धारा बहाने की कोशिश की, लेकिन इसे आम लोगों तक पहुंचा पाना आसान नहीं था। प्रशांत किशोर हमेशा कहते थे कि जनता अगर हमारी बात समझ पाई तो हम शीर्ष पर होंगे, और यदि नहीं समझ पाए, तो हम पिछड़ जाएंगे। शुरुआती नतीजे बताते हैं कि हम जनता को अपना दृष्टिकोण समझाने में सफल नहीं हुए, और लोग भी हमारे संदेश को पूरी तरह ग्रहण नहीं कर पाए।”

बिहार में मतगणना का ताज़ा चित्र

बिहार में वोटों की गिनती सुबह 8 बजे सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शुरू हुई। 38 जिलों में 46 केंद्रों पर मतगणना जारी है। राज्य की सभी 243 सीटों के प्रारंभिक रुझानों में एनडीए 189 सीटों पर आगे दिख रहा है, जबकि महागठबंधन 51 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

चुनाव आयोग के अनुसार—

एनडीए का प्रदर्शन:


जदयू – 84

भाजपा – 78

लोजपा (रामविलास) – 22

हम – 4

आरएलएम – 1

महागठबंधन का प्रदर्शन:

राजद – 39

कांग्रेस – 7

सीपीआई (माले–लेनिन) – 1

सीपीआई – 1

अन्य – 3

यह रुझान साफ बताते हैं कि एनडीए प्रदेश में मजबूत स्थिति में है, जबकि विपक्ष पिछड़ता नजर आ रहा है।

मतगणना और सुरक्षा व्यवस्था

पूरे राज्य में मतगणना को पारदर्शी रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

हर विधानसभा क्षेत्र के लिए 1-1 चुनाव अधिकारी तैनात हैं।

इनके साथ 243 मतगणना पर्यवेक्षक निगरानी में लगे हुए हैं।

सभी उम्मीदवार और उनके अधिकृत प्रतिनिधि मतगणना स्थलों पर मौजूद हैं।

निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों ने मिलकर 18,000 से अधिक एजेंट नियुक्त किए हैं।