कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान ने बिहार की सियासत को गर्मा दिया है। भाजपा ने इस टिप्पणी को आदर्श आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन बताया है और चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने आयोग से राहुल गांधी के बिहार में प्रचार पर रोक लगाने और उनसे बिना शर्त सार्वजनिक माफी मंगवाने की अपील भी की है।
भाजपा के निर्वाचन आयोग समन्वय विभाग के संयोजक बिंध्याचल राय ने तीन पन्नों की शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि राहुल गांधी का बयान प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाला है। राय के अनुसार, इस तरह के वक्तव्य न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं, बल्कि आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन भी हैं।
राय ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया कि राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर जिले के सकरा में एक चुनावी सभा के दौरान कहा था कि “अगर चुनाव से पहले मोदी से कहो, तो वो वोट पाने के लिए नाचने लगेंगे।” भाजपा का कहना है कि यह बयान प्रधानमंत्री पद की गरिमा को अपमानित करने वाला है और इससे जनता के बीच गलत संदेश गया है।
पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि इस तरह के निजी हमलों पर तत्काल रोक लगाई जाए ताकि चुनावी माहौल में शालीनता बनी रहे। भाजपा ने यह भी दोहराया कि आचार संहिता स्पष्ट रूप से यह कहती है कि किसी भी प्रत्याशी या दल को दूसरे दल के नेताओं के प्रति व्यक्तिगत टिप्पणी से बचना चाहिए।
भाजपा नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी का यह वक्तव्य न केवल व्यक्तिगत निंदा की श्रेणी में आता है, बल्कि यह प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को भी चुनौती देता है। वहीं, इस पूरे मामले पर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।