बिहार में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच को लेकर राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, बिहार सरकार के कर्मचारियों या राज्य सरकार से जुड़े संस्थानों के मामलों में CBI जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। यानी ऐसे मामलों में केंद्रीय एजेंसी सीधे जांच शुरू नहीं कर सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत बिहार सरकार के कामकाज से जुड़े लोक सेवकों के खिलाफ दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (CBI) को जांच के लिए राज्य सरकार से पहले सहमति लेनी होगी। राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों, निगमों, बैंकों और आर्थिक सहायता पाने वाले संस्थानों से जुड़े मामलों पर भी यही नियम लागू होगा।
हर मामले पर अलग से फैसला लेगी राज्य सरकारअधिसूचना के अनुसार, CBI जब किसी मामले की जांच के लिए अनुमति मांगेगी तो राज्य सरकार उस प्रस्ताव की समीक्षा करेगी। इसके बाद सरकार तय करेगी कि संबंधित मामले में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना को जांच करने का अधिकार और क्षेत्राधिकार दिया जाए या नहीं।
इस व्यवस्था का मतलब है कि राज्य सरकार से जुड़े मामलों में CBI की जांच के लिए पहले से सामान्य अनुमति के बजाय प्रत्येक प्रस्ताव पर राज्य सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी।
केंद्र सरकार से जुड़े मामलों को रखा गया अलगनई गाइडलाइन में केंद्र सरकार से संबंधित कर्मचारियों और भारत सरकार के अधीन आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के मामलों को अलग रखा गया है। बिहार में काम कर रहे केंद्र सरकार या उसके अधीन सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के मामलों में इस व्यवस्था के तहत राज्य सरकार की अलग अनुमति जरूरी नहीं होगी।
इसके अलावा ऐसे निजी व्यक्तियों के मामलों को भी इस प्रावधान से अलग रखा गया है, जिनसे जुड़े अपराध सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले विषयों से संबंधित हैं।
किन कानूनों से जुड़े मामलों पर लागू होगी व्यवस्था?गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, राज्य सरकार की पूर्व सहमति की यह व्यवस्था भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों पर भी लागू होगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नया आदेश इस विषय पर बिहार सरकार की ओर से पहले जारी की गई सभी अधिसूचनाओं को अधिक्रमित करता है।
राज्यपाल के आदेश के अनुसार यह अधिसूचना बिहार सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की ओर से जारी की गई है।