पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवार में बड़ा बदलाव कर दिया है। पार्टी ने अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी की जगह अब नीरज कुमार सिन्हा को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला लिया है। बांकीपुर सीट पर नीरज सिन्हा का सीधा मुकाबला जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता से होगा। इससे पहले बीजेपी के घोषित प्रत्याशी अभिषेक बंटी ने नामांकन दाखिल करने के अगले ही दिन चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पार्टी को तत्काल नया उम्मीदवार घोषित करना पड़ा।
30 जुलाई को होगा मतदान, नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीटपटना शहर की सबसे अहम विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर में 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान कराया जाएगा। यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने राज्य की राजनीति छोड़कर राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली, जिसके चलते इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है।
कौन हैं बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा?भाजपा ने जिस नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, वह संगठन से लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ता हैं। वर्तमान में वह नरेंद्र भारती मंडल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। करीब 28 वर्षीय नीरज अविवाहित हैं और पटना के निवासी हैं। उन्होंने स्नातक (बीए) तक की शिक्षा प्राप्त की है। संगठनात्मक स्तर पर भी उनका लंबा अनुभव रहा है। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार मंडल अध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं। पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति के निर्णय के बाद भाजपा मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने आधिकारिक पत्र जारी कर उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की।
अभिषेक बंटी के अचानक हटने से बदला पूरा समीकरणबांकीपुर सीट से पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा बंटी ने शुक्रवार शाम अचानक चुनाव नहीं लड़ने का फैसला सुनाकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपने निर्णय की जानकारी दी। इससे पहले उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को भी अपने फैसले से अवगत करा दिया था। उनके इस कदम के बाद पार्टी को चुनावी रणनीति में तत्काल बदलाव करना पड़ा।
नामांकन के अगले ही दिन लिया चुनाव से हटने का फैसलागौरतलब है कि अभिषेक बंटी ने एक दिन पहले ही भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ जेडीयू और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे थे। इसके बाद पटना के स्काउट एंड गाइड मैदान में आयोजित जनसभा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित एनडीए के कई प्रमुख नेताओं ने मंच साझा करते हुए अभिषेक के समर्थन में वोट देने की अपील की थी। लेकिन अगले ही दिन उनके चुनावी मैदान छोड़ने के फैसले ने पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया।
उम्मीदवार बदलने की वजह पर अब भी बना हुआ है सस्पेंसभाजपा ने ऐन चुनावी मौके पर अपना उम्मीदवार क्यों बदला, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अभिषेक सिन्हा बंटी ने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र लिखकर पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना नामांकन वापस लेने की इच्छा जताई थी। हालांकि, इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल पार्टी ने नए उम्मीदवार के रूप में नीरज सिन्हा पर भरोसा जताते हुए चुनावी मुकाबले को नई दिशा देने की कोशिश की है।