पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी ने चुनावी मुकाबले से खुद को अलग करने का फैसला लिया है। नामांकन दाखिल करने के महज एक दिन बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी। इस संबंध में उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र लिखकर अपना निर्णय बताया। अपने पत्र में अभिषेक ने कहा कि वह चुनावी मैदान से हट रहे हैं, लेकिन पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए पहले की तरह काम करते रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपना नामांकन भी वापस ले लिया। इस सीट पर बीजेपी ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता के मुकाबले उन्हें उम्मीदवार बनाया था।
प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया फैसले का ऐलानशुक्रवार शाम पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अभिषेक सिन्हा बंटी ने अपने चुनाव न लड़ने के फैसले की सार्वजनिक घोषणा की। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। उस दौरान प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद थे। नामांकन के बाद पटना के स्काउट एंड गाइड मैदान में आयोजित जनसभा में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई नेताओं ने मंच साझा किया और अभिषेक के समर्थन में वोट की अपील भी की थी।
चुनाव से हटने की वजह पर नहीं किया खुलासाहालांकि अभिषेक सिन्हा बंटी ने चुनावी मैदान छोड़ने के पीछे किसी स्पष्ट कारण का खुलासा नहीं किया। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर केवल इतना कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से यह निर्णय लिया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव नहीं लड़ पाने की जानकारी दी है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
13 जुलाई तक बीजेपी को तलाशना होगा नया उम्मीदवारबांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित है। ऐसे में अभिषेक बंटी के अचानक पीछे हटने के बाद बीजेपी के सामने बेहद कम समय में नया उम्मीदवार तय करने की चुनौती खड़ी हो गई है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को कराई जाएगी। ऐसे में पार्टी को जल्द ही नए चेहरे पर फैसला लेना होगा।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल, बीजेपी के लिए नई चुनौतीअभिषेक सिन्हा के चुनावी मैदान छोड़ने के फैसले से बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सत्तारूढ़ बीजेपी को अब ऐन चुनाव से पहले उम्मीदवार बदलने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी अब बांकीपुर जैसी महत्वपूर्ण सीट से किस नेता को मैदान में उतारती है और वह विपक्षी उम्मीदवारों के मुकाबले कितना प्रभाव छोड़ पाएगा।
नितिन नवीन के करीबी माने जाते हैं अभिषेक बंटीअभिषेक सिन्हा बंटी भाजपा के वरिष्ठ नेता और बांकीपुर से पांच बार विधायक रहे नितिन नवीन के करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पटना महानगर और मंडल अध्यक्ष जैसी संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी निभाई हैं। पिछले करीब दो दशकों से वह पटना और विशेष रूप से बांकीपुर क्षेत्र में पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके बाद पार्टी ने संगठन के एक सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर अभिषेक को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन अब उनके हटने के बाद बीजेपी को नया और मजबूत चेहरा तलाशना होगा।
प्रशांत किशोर 13 जुलाई को भरेंगे पर्चा, आरजेडी की रेखा गुप्ता पहले से मैदान मेंबांकीपुर विधानसभा उपचुनाव इस बार बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है। नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं और 13 जुलाई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। रेखा गुप्ता पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर चुकी हैं। अब बीजेपी के नए उम्मीदवार की घोषणा पर पूरे राजनीतिक घटनाक्रम की नजरें टिकी हुई हैं।