प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को असम दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने देश की सामरिक क्षमता को मजबूत करने वाली एक अहम परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। डिब्रूगढ़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर विकसित नॉर्थईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन स्वयं पीएम मोदी ने किया। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री लॉकहीड सी-130 जे हरक्यूलस परिवहन विमान से सीधे हाईवे पर उतरे, जो इस सुविधा की उपयोगिता का प्रत्यक्ष प्रदर्शन था।
उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन भी किया। नवविकसित हवाई पट्टी से लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरते हुए आसमान में करतब दिखाए। डिब्रूगढ़ की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यहां से अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की दूरी लगभग 250 से 300 किलोमीटर के बीच है।
NH-37 पर विकसित हुई विशेष हवाई पट्टीमुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले ही जानकारी दी थी कि मोरान में तैयार इस आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन 14 फरवरी को प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। उन्होंने इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ऐतिहासिक कदम बताया। परीक्षण चरण से लेकर पूर्ण संचालन तक इस परियोजना ने बुनियादी ढांचे के विकास में नया अध्याय जोड़ा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 127 के डिब्रूगढ़-मोरान सेक्शन पर 4.2 किलोमीटर लंबी प्रबलित कंक्रीट पट्टी को भारतीय वायुसेना के समन्वय से दोहरे उपयोग के लिए तैयार किया गया है। यह हाईवे सामान्य दिनों में यातायात के लिए खुला रहेगा, जबकि आपात स्थितियों या रणनीतिक जरूरत के समय इसे हवाई पट्टी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। पूर्वोत्तर भारत में इस तरह की यह पहली राजमार्ग-आधारित हवाई सुविधा है, जो लड़ाकू जेट, भारी परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर की लैंडिंग व टेकऑफ में सक्षम है।
रणनीतिक दृष्टि से अहम पहलसीएम सरमा ने प्रधानमंत्री को रक्षा अवसंरचना को सुदृढ़ करने का श्रेय देते हुए कहा कि मोरान ईएलएफ के माध्यम से भारतीय वायुसेना को किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता मिलेगी। यह सुविधा क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा पर तैनाती की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। असम सरकार ने इसे राज्य के लिए गर्व का विषय बताया है।
5,450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास
असम प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। मोरान कार्यक्रम के बाद वे गुवाहाटी पहुंचे, जहां ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण किया।
इसके अतिरिक्त अमीनगांव में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का उद्घाटन, आईआईएम गुवाहाटी के नए परिसर का लोकार्पण और पीएम-ईबस सेवा योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने का कार्यक्रम भी शामिल रहा। इन पहलों को क्षेत्रीय विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दौरे के समापन के बाद प्रधानमंत्री नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा न केवल असम, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए सामरिक और विकासात्मक दृष्टि से अहम मानी जा रही है।