फ्लाईओवर पर आधी रात को मनाया पत्नी का जन्मदिन, सड़क पर बिछाया रेड कार्पेट; वायरल वीडियो के बाद पति समेत 14 लोग पुलिस के शिकंजे में

असम की राजधानी गुवाहाटी में पत्नी का जन्मदिन खास अंदाज में मनाने की एक कोशिश अब कानूनी विवाद में बदल गई है। शहर के एक प्रमुख फ्लाईओवर पर आधी रात को आयोजित की गई जन्मदिन पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों ने इस आयोजन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। सार्वजनिक सड़क पर किए गए इस जश्न को लेकर उठे सवालों के बीच पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।

आधी रात को फ्लाईओवर बना पार्टी वेन्यू


जानकारी के अनुसार यह घटना 22 जून की देर रात की है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी गौतम बरुआ ने रात करीब 12:30 बजे अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए गुवाहाटी के कुमार भास्कर वर्मा फ्लाईओवर को ही पार्टी स्थल बना दिया।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि फ्लाईओवर के एक हिस्से को गुब्बारों, सजावटी सामग्री और पार्टी के अन्य सामान से सजाया गया था। इतना ही नहीं, आयोजन को भव्य रूप देने के लिए सड़क पर बाकायदा रेड कार्पेट भी बिछाया गया था। रात के समय फ्लाईओवर पर मौजूद यह दृश्य किसी निजी समारोह स्थल जैसा दिखाई दे रहा था।

कारें खड़ी कर जुटाई गई भीड़

वायरल फुटेज में यह भी नजर आया कि पार्टी में शामिल होने के लिए कई लोग फ्लाईओवर पर पहुंचे थे। आयोजन के दौरान कुछ वाहनों को सीधे फ्लाईओवर पर ही पार्क कर दिया गया था, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई। सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह वाहनों की पार्किंग और निजी कार्यक्रम का आयोजन नियमों के विपरीत माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क का इस्तेमाल आम जनता के आवागमन के लिए होना चाहिए, उसे निजी समारोह के लिए इस्तेमाल करना न केवल अनुचित है बल्कि इससे सुरक्षा संबंधी जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।
वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल

जैसे ही इस आयोजन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आईं, लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। बड़ी संख्या में यूजर्स ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के इस इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

कई लोगों का कहना था कि अगर आम नागरिकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करना पड़ता है तो किसी को भी निजी उत्सव के लिए फ्लाईओवर या सार्वजनिक सड़क को घेरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। देखते ही देखते यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

मामले ने तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई के तहत मुख्य आरोपी गौतम बरुआ को हिरासत में लिया गया। साथ ही पार्टी में इस्तेमाल किए गए चार वाहनों को भी जब्त कर लिया गया।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने आयोजन में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की। अधिकारियों के अनुसार पति-पत्नी समेत कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार्यक्रम की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किस-किस की भूमिका थी।

भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज हुआ केस

पुलिस की प्रारंभिक जांच और सार्वजनिक विरोध के बाद गौतम बरुआ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि धारा 125, 285 और 270 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक ये धाराएं ऐसे कृत्यों से जुड़ी हैं जो सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं, लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं या सार्वजनिक उपद्रव की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। मामले में कानूनी पहलुओं की भी विस्तार से जांच की जा रही है।

आगे भी जारी रहेगी जांच


अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आयोजन के लिए किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं तथा क्या अन्य नियमों का भी उल्लंघन हुआ है।

जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि यदि अतिरिक्त साक्ष्य मिलते हैं तो मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल पर फिर शुरू हुई बहस

इस घटना के बाद शहर में सार्वजनिक स्थानों और बुनियादी ढांचे के उपयोग को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों का निजी आयोजनों के लिए इस्तेमाल रोकने के लिए नियमों को और प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है।

प्रशासनिक अधिकारियों का भी मानना है कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन में किसी तरह की ढील नहीं दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थान सभी नागरिकों के लिए होते हैं और उनका उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। ऐसे में भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और प्रवर्तन दोनों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।