Gen Z और Gen Alpha से मिलेंगे मोहन भागवत, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण पर करेंगे चर्चा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार को मुंबई में आयोजित एक बड़े युवा सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में वह पहली बार हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बाद बड़ी संख्या में Gen Z और Gen Alpha के छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। बातचीत का मुख्य फोकस नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका जैसे अहम विषयों पर रहेगा।

यह सम्मेलन इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (I.I.M.U.N.) की ओर से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र का विषय 'भारतीय दृष्टिकोण से विश्व को एकजुट करने में युवाओं की भूमिका' रखा गया है। इस वार्षिक आयोजन में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं, जिनमें देशभर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कार्यक्रम से पहले पोस्टरबाजी ने बढ़ाई सियासी हलचल

सम्मेलन से पहले मुंबई के बांद्रा इलाके में कई पोस्टर लगाए गए, जिनकी राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा हो रही है। पोस्टरों पर लिखा गया, Nation First – राष्ट्र प्रथम, जब मिले शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मकान… मोदीजी, कभी मिलेगा सम्मान? इसके साथ ही एक अन्य संदेश में कहा गया, देश से प्रेम करने के लिए किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है… Gen Z लोकतंत्र के साथ खड़ा है।

जानकारी के अनुसार ये पोस्टर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ओर से लगाए गए हैं। कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस पोस्टरबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
100 से ज्यादा शहरों के 2,000 से अधिक छात्र होंगे शामिल

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब देशभर के युवा लोकतंत्र, शासन व्यवस्था, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों पर पहले से अधिक सक्रियता दिखा रहे हैं। 6 अगस्त को मुंबई में आयोजित इस सम्मेलन में देश के 100 से अधिक शहरों से आए 2,000 से ज्यादा छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों का दावा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े युवा नेतृत्व वाले सम्मेलनों में से एक है।

मोहन भागवत की यह बातचीत नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में आयोजित आईआईएमयूएन की वार्षिक चैम्पियनशिप कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह के दौरान होगी। इस वर्ष यह संस्था अपनी 15वीं वर्षगांठ भी मना रही है।

युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना है उद्देश्य

सम्मेलन से पहले आईआईएमयूएन के संस्थापक ऋषभ शाह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा था कि संगठन का उद्देश्य युवाओं को भारत के मूल्यों, लोकतांत्रिक सोच और नेतृत्व की जिम्मेदारियों से परिचित कराना है। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से संस्था इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।

ऋषभ शाह के अनुसार, वर्तमान में करीब 30 हजार छात्र आईआईएमयूएन से जुड़े हुए हैं और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह तीसरा अवसर होगा, जब मोहन भागवत आईआईएमयूएन के मंच से देश की युवा पीढ़ी के साथ संवाद करेंगे।

युवाओं को अलग-अलग विचारधाराओं को समझने की सलाह

ऋषभ शाह का कहना है कि नई पीढ़ी को देश के प्रमुख संगठनों और उनकी विचारधाराओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं के इतिहास एवं कार्यशैली का अध्ययन युवाओं के लिए जरूरी है, ताकि वे विभिन्न विचारों को समझकर अपनी स्वतंत्र सोच विकसित कर सकें।

इस सम्मेलन में मोहन भागवत के अलावा अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता बोमन ईरानी और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ समेत कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना है। इनके साथ होने वाले विभिन्न सत्रों में नेतृत्व, समाज और लोकतंत्र से जुड़े अनेक विषयों पर चर्चा की जाएगी।