असम में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पार्टी की हार का दावा किया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के “स्वयंभू राजकुमार” की हार का आंकड़ा अब शतक की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य की जनता इस बार फिर से भाजपा और उसके सहयोगियों पर भरोसा जताने के मूड में है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले एक दशक के शासन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले सर्वानंद सोनोवाल और उसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम ने विकास और सुशासन का नया अध्याय देखा है। उनके अनुसार, मौजूदा चुनाव केवल सरकार चुनने का नहीं, बल्कि “विकसित असम से विकसित भारत” की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भाजपा-एनडीए गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगा। गौरतलब है कि राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होना प्रस्तावित है।
धेमाजी जिले के गोगामुख में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि “लखपति दीदी” योजना के तहत अब तक लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया गया है। उनके मुताबिक, करीब 3 लाख महिलाएं पहले ही इस पहल का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। आगे की योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 40 लाख तक पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने असम की एक पुरानी समस्या—बाढ़—का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर साल आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्थायी समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाखों किसानों को अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये का मुआवजा मिल चुका है।
इसके अलावा, उन्होंने सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों, विशेषकर सिक्स्थ शेड्यूल एरिया की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार, असम की विरासत और पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास को आगे बढ़ाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण योजनाओं और बुनियादी ढांचे में निवेश के चलते जनता एक बार फिर भाजपा को अवसर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में असम न केवल पूर्वोत्तर भारत बल्कि पूरे देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।