युजवेंद्र चहल का फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते VIDEO वायरल, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से मचा हड़कंप; सोशल मीडिया पर उठे सवाल

इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में खिलाड़ियों से जुड़े अनुशासन और प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम के अंदर ई-सिगरेट (वेप) का इस्तेमाल करते हुए वीडियो सामने आया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की थी। यह मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आते ही विवाद गहरा गया है। इस वीडियो में वह फ्लाइट के अंदर ई-सिगरेट का उपयोग करते नजर आ रहे हैं, जिससे एक बार फिर नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

फ्लाइट के अंदर ई-सिगरेट पर सख्त प्रतिबंध, फिर भी सामने आया मामला

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह विमान के भीतर अपने साथी खिलाड़ी से बातचीत कर रहे हैं, जबकि उसी दौरान पीछे की सीट पर युजवेंद्र चहल शशांक सिंह के साथ बैठे हुए नजर आते हैं। इसी दौरान कथित रूप से चहल को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह रिकॉर्ड किए जा रहे हैं और वीडियो में उन्हें ई-सिगरेट का उपयोग करते हुए देखा गया।

यह वीडियो पहले सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, लेकिन बाद में गलती का एहसास होने पर इसे हटा दिया गया। हालांकि तब तक कई यूजर्स इसे डाउनलोड कर चुके थे और अब यह अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स द्वारा चहल की जमकर आलोचना भी की जा रही है।
DGCA नियमों का उल्लंघन, सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल

फ्लाइट के अंदर ई-सिगरेट या किसी भी प्रकार के वेपिंग डिवाइस का उपयोग सख्त रूप से प्रतिबंधित है। यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जाता है। विमान के भीतर ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा जोखिम उत्पन्न हो सकता है।

युजवेंद्र चहल के इस कथित वीडियो के सामने आने के बाद अब यह मामला नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के दायरे में आ गया है। यदि इस पर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज होती है तो संबंधित एजेंसी की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

बीसीसीआई की संभावित कार्रवाई पर बढ़ी चर्चा

इससे पहले जब राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए वीडियो सामने आया था, तब बीसीसीआई ने सख्त कदम उठाते हुए उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया था और एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया था। साथ ही सभी खिलाड़ियों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचने की सख्त चेतावनी दी गई थी।

अब युजवेंद्र चहल से जुड़ा यह नया मामला सामने आने के बाद एक बार फिर बीसीसीआई की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। क्रिकेट जगत और फैंस इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि बोर्ड इस बार क्या रुख अपनाता है और क्या कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है या नहीं। इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों के यात्रा और टीम होटलों में ठहरने से जुड़े नियमों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। बोर्ड के सचिव ने संकेत दिए हैं कि हाल के समय में कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनके बाद खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी के लिए नई एडवाइजरी जारी की जा सकती है। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में यह देखा गया है कि टीम बसों और होटलों में ऐसे लोग भी शामिल हो रहे हैं, जो आधिकारिक तौर पर टीम से जुड़े नहीं हैं। इसी कारण अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या खिलाड़ियों के साथ अनधिकृत व्यक्तियों, खासकर निजी संबंधों से जुड़े लोगों को टीम होटल में रहने की अनुमति मिलनी चाहिए या नहीं। इसी मुद्दे पर BCCI की ओर से कड़ा कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।

BCCI सचिव ने कहा—जल्द जारी होगी एडवाइजरी

ANI को दिए एक इंटरव्यू में BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस मुद्दे पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कुछ फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के व्यवहार में हाल ही में अनियमितताएं देखने को मिली हैं।

उनके अनुसार, “हमने देखा है कि कुछ अनधिकृत लोग खिलाड़ियों के साथ यात्रा कर रहे हैं, जिसमें टीम बसों का उपयोग भी शामिल है और वे टीम होटलों में भी रुक रहे हैं। इसको लेकर हम सभी फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के लिए एक एडवाइजरी जारी करेंगे। कुछ निश्चित प्रोटोकॉल होते हैं, और अगर उनका पालन नहीं किया जाता है तो BCCI आवश्यक कार्रवाई करेगा।”

इस बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि बोर्ड अब खिलाड़ियों की निजी यात्रा व्यवस्था और होटल में ठहरने के नियमों को और सख्त कर सकता है।