विराट कोहली और रोहित शर्मा का घट सकता है कॉन्ट्रैक्ट ग्रेड, बीसीसीआई कर सकता है ए+ कैटेगरी खत्म

भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चयन समिति की ओर से ए+ कैटेगरी को खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके चलते दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को अगले सत्र के लिए निचले ग्रेड में रखा जा सकता है। यह बदलाव 2025–26 सत्र के लिए घोषित होने वाली वार्षिक रिटेनरशिप सूची में देखने को मिल सकता है।

चयन समिति की सिफारिश पर मंथन

सूत्रों के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने बीसीसीआई को सुझाव दिया है कि चार-स्तरीय कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में सबसे ऊपर की ए+ कैटेगरी को हटाया जाए। फिलहाल यह केवल सिफारिश है और बोर्ड ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर बीसीसीआई की अगली एपेक्स काउंसिल बैठक में चर्चा की जाएगी।

एक ही फॉर्मेट खेलने का असर

विराट कोहली और रोहित शर्मा फिलहाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल वनडे फॉर्मेट खेल रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों ने आईपीएल 2025 के दौरान टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और उसके बाद से किसी अन्य फॉर्मेट में नजर नहीं आए। मौजूदा नियमों के अनुसार, शीर्ष कैटेगरी में वही खिलाड़ी शामिल किए जाते हैं जो कम से कम दो फॉर्मेट में नियमित रूप से खेलते हों। इसी कारण यह लगभग तय माना जा रहा था कि दोनों का ए+ कैटेगरी में बने रहना मुश्किल होगा।

बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम


बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खिलाड़ियों को सालाना रिटेनरशिप के साथ कई सुविधाएं प्रदान करता है। इसमें चयनित खिलाड़ियों को सालभर ट्रेनिंग सुविधाएं, मेडिकल सपोर्ट और रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं। रिटेनरशिप की राशि खिलाड़ी के ग्रेड के अनुसार तय की जाती है और यह उनकी भूमिका व अंतरराष्ट्रीय मैचों में भागीदारी पर निर्भर करती है।


जडेजा और गिल पर भी नजरें

यह देखना दिलचस्प होगा कि रविंद्र जडेजा, जो अब भी टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा हैं, शीर्ष कैटेगरी में अपनी जगह बरकरार रख पाते हैं या नहीं। वहीं, शुभमन गिल के लिए यह बदलाव फायदेमंद साबित हो सकता है। गिल को टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है और उनके शीर्ष ग्रेड में प्रमोशन की संभावना जताई जा रही है।

किन खिलाड़ियों को मिलता है सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट

बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट उन्हीं खिलाड़ियों को दिया जाता है, जिन्होंने तय अवधि में कम से कम तीन टेस्ट मैच, आठ वनडे या दस टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हों। इसी आधार पर हर साल खिलाड़ियों की सूची तैयार की जाती है और ग्रेड तय किए जाते हैं।