आयरलैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर बोले श्रेयस अय्यर, बताया कहां हुई सबसे बड़ी चूक

बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को आयरलैंड के हाथों 34 रन से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने कम से कम सीरीज ड्रॉ कराने की गारंटी हासिल कर ली है। वहीं दिसंबर 2023 के बाद यह पहला मौका है जब भारतीय टीम किसी टी20 सीरीज को जीतने में असफल रहने की स्थिति में पहुंच गई है। मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ही अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। मैच के बाद कप्तान के रूप में अपना पहला टी20 मुकाबला खेल रहे श्रेयस अय्यर ने हार के कारणों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

बीच के ओवरों में बिगड़ी रणनीति, बताया हार का बड़ा कारण

मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि शुरुआती ओवरों में भारतीय तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था और टीम ने अच्छी शुरुआत भी की थी। हालांकि, मध्य ओवरों में गेंदबाजी योजना पर सही तरीके से अमल नहीं हो पाया। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम ने आयरलैंड के बल्लेबाजों को उन हिस्सों में आसानी से रन बनाने का मौका दिया, जहां मैदान की बाउंड्री अपेक्षाकृत छोटी थीं। अय्यर ने कहा कि जिस तरह गेंदबाजी की शुरुआत हुई थी, उसे देखते हुए उन्हें लगा था कि 140 रन के आसपास का लक्ष्य भी मुकाबले को जीतने के लिए पर्याप्त हो सकता है। उन्होंने हल्के अंदाज में मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि कप्तान के तौर पर उनकी शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।

दूसरे मुकाबले में वापसी के इरादे से उतरेगी टीम

भारतीय कप्तान ने भरोसा जताया कि टीम इस हार को ज्यादा समय तक अपने ऊपर हावी नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इस मुकाबले से जरूरी सबक लेकर अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। अय्यर के मुताबिक टीम पूरी तैयारी और सकारात्मक सोच के साथ दूसरे टी20 में उतरेगी। उन्होंने तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि नई गेंद से उन्हें परिस्थितियों का अच्छा सहयोग मिला। साथ ही उन्होंने शिवम दुबे पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह हमेशा मुश्किल परिस्थितियों में अहम ओवर डालते हैं। चोट के बाद टीम में लौटे हर्षित राणा की गेंदबाजी की भी उन्होंने प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने प्रभावशाली वापसी की है।
खिलाड़ियों को दिया खास संदेश, कहा- किसी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में न लें

श्रेयस अय्यर ने अपनी टीम को सीख देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी टीम को कमजोर समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर मुकाबले में मैदान पर पूरी ऊर्जा और अनुशासन के साथ उतरना जरूरी होता है। अगर विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का मौका मिले तो उसे तुरंत भुनाना चाहिए, क्योंकि छोटी-छोटी चूक भी मैच का नतीजा बदल सकती है। उनके अनुसार वर्तमान पर ध्यान केंद्रित रखते हुए हर पल अपना सर्वश्रेष्ठ देना ही सफलता की कुंजी है।

मैथ्यू होलार्ड बने जीत के हीरो, भारत 148 रन पर सिमटा


आयरलैंड की यादगार जीत में गेंदबाज मैथ्यू होलार्ड का प्रदर्शन सबसे अहम रहा। शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। होलार्ड ने अपने चार ओवरों के स्पेल में तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर और वाशिंगटन सुंदर को पवेलियन भेजा। आयरलैंड द्वारा दिए गए 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम निर्धारित ओवर पूरे होने से पहले ही 148 रन पर सिमट गई और मेजबान टीम ने 34 रन की महत्वपूर्ण जीत अपने नाम कर ली।