रोहित शर्मा एक बार फिर शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए। भारत और वेस्टइंडीज के बीच न्यू चंडीगढ़ में खेले जा रहे वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज ने 85 गेंदों पर 92 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन अपना शतक पूरा नहीं कर सके। रोहित को 92 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौटना पड़ा। वह शतक से केवल आठ रन दूर थे।
इस पारी के साथ रोहित शर्मा ने एक तरफ वनडे क्रिकेट में अपने नाम एक अहम उपलब्धि दर्ज की, वहीं दूसरी ओर करीब सात साल बाद उन्हें एक बार फिर नर्वस 90s का सामना करना पड़ा। रोहित के वनडे करियर में यह सातवीं बार है, जब वह 90 के दशक में पहुंचने के बाद शतक से पहले आउट हुए हैं।
चार रन पर भारत ने गंवा दिए थे दो विकेटन्यू चंडीगढ़ में भारत ने पारी की शुरुआत रोहित शर्मा और शुभमन गिल की सलामी जोड़ी के साथ की। हालांकि टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। तीसरे ओवर में शुभमन गिल का विकेट गिरा और इसके तुरंत बाद विराट कोहली भी बिना खाता खोले आउट हो गए। इस तरह भारत ने केवल चार रन के स्कोर पर अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।
मुश्किल स्थिति में रोहित शर्मा ने रुतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया और 100 से ज्यादा रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने शुरुआती झटकों के बाद भारतीय पारी को मजबूती दी।
रोहित ने 85 गेंदों में बनाए 92 रनरोहित शर्मा ने अपनी पारी के दौरान आक्रामक और नियंत्रित बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 85 गेंदों का सामना करते हुए 92 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी के दौरान भारत का स्कोर 141 रन तक पहुंच गया था, जब रोहित का विकेट गिरा।
शतक की ओर बढ़ रहे रोहित से भारतीय प्रशंसकों को एक और बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन 92 रन पर उनका विकेट गिर गया। इस तरह वह लगातार दूसरी बार शतक के आंकड़े तक पहुंचने से पहले ही रुक गए।
करीब सात साल बाद 90 के दशक में आउट हुए रोहितरोहित शर्मा इससे पहले वनडे में मार्च 2019 में नर्वस 90s का शिकार हुए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली के पीसीए स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वह 90 रन बनाकर आउट हुए थे। उसके बाद से वनडे क्रिकेट में उन्हें 90 के दशक में पहुंचकर आउट होने का सामना नहीं करना पड़ा था।
वेस्टइंडीज के खिलाफ 92 रन पर आउट होने के साथ ही यह सिलसिला एक बार फिर लौट आया। रोहित के करियर में यह सातवां मौका है, जब वह 90 के दशक में आउट हुए हैं।
सबसे अधिक उम्र में 90 के दशक में आउट होने वाले भारतीय बने रोहितइस पारी का एक खास रिकॉर्ड भी रोहित शर्मा के नाम दर्ज हो गया। 39 साल और 156 दिन की उम्र में 90 के दशक में आउट होने के साथ वह भारत के लिए इस स्थिति में आउट होने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बन गए हैं।
इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन 2011 में 38 साल और 212 दिन की उम्र में 90 के दशक में आउट हुए थे। उनसे पहले यह रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जो 1987 में 37 साल और 246 दिन की उम्र में 90 के दशक में आउट हुए थे।
वनडे में सबसे तेज 10 हजार रन पूरे करने वाले ओपनर भी बनेरोहित शर्मा की 92 रन की पारी सिर्फ शतक से चूकने के कारण चर्चा में नहीं रही। उन्होंने इसी पारी के दौरान वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर सबसे तेज 10 हजार रन पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की।
इस तरह वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में रोहित के खाते में एक बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि जुड़ी, लेकिन शतक से महज आठ रन दूर रह जाने के कारण उनकी पारी का अंत निराशा के साथ हुआ।