हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी भारतीय महिला टीम की कप्तानी, भावुक पोस्ट में बोलीं- ‘ये फैसला आसान नहीं था’

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी। हालांकि, कप्तानी छोड़ने के बावजूद हरमनप्रीत का भारतीय टीम के साथ बतौर खिलाड़ी सफर जारी रहेगा। हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने हाल के वर्षों में कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 विमेंस वर्ल्ड कप का खिताब जीता और एशियन गेम्स 2026 में भी गोल्ड मेडल हासिल किया। अब कप्तानी की जिम्मेदारी से हटने के बाद टीम की अगली कप्तान को लेकर स्मृति मंधाना का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। मंधाना लंबे समय से हरमनप्रीत की कप्तानी में उप-कप्तान की भूमिका निभाती रही हैं और तीनों फॉर्मेट में टीम का अहम हिस्सा हैं।

हरमनप्रीत ने बताया, कप्तानी छोड़ना आसान नहीं था

हरमनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में साफ किया कि कप्तानी से हटने का फैसला उनके लिए आसान नहीं रहा। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम और इस जिम्मेदारी के साथ बिताए वर्षों को याद करते हुए बताया कि इस दौरान उन्हें कई तरह के भावनात्मक और व्यक्तिगत अनुभवों से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम के लिए अपना समय, मेहनत और ऊर्जा लगाई। कई मौकों पर उन्हें अपनी व्यक्तिगत परफॉर्मेंस, अपनी ग्रोथ और निजी महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि उनके लिए टीम की प्राथमिकता सबसे ऊपर थी। उनके मुताबिक, कप्तान के तौर पर उन्हें कई ऐसे फैसले भी लेने पड़े जो आसान नहीं थे और जिनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। हरमनप्रीत ने अपने संदेश में यह भी कहा कि उनके फैसलों के पीछे हमेशा टीम को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देने की कोशिश रही। उन्होंने टीम के खिलाड़ियों को खुद पर भरोसा करने और अपनी क्षमता के मुताबिक बेहतर प्रदर्शन करने के लिए आगे बढ़ाने को अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा बताया।

जीत से लेकर मुश्किल दौर तक सब कुछ देखा

हरमनप्रीत ने अपने कप्तानी के सफर को याद करते हुए टीम के अच्छे और खराब दोनों दौर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने हार, निराशा, आलोचना और मुश्किल समय देखा, लेकिन इसके साथ जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व भी महसूस किया।

उनके मुताबिक, कई ऐसे पल आए जब टीम के लिए की गई कुर्बानियां सफल होती नजर आईं। इसी अनुभव के साथ उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। हरमनप्रीत ने कहा कि वह इस समय भावुक जरूर हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि भारतीय महिला टीम के पास प्रतिभा, चरित्र, विश्वास और भविष्य मौजूद है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी लिखा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अगुवाई करने का अवसर उनके लिए हमेशा खास रहेगा।
‘कप्तानी खत्म, सफर जारी है’

कप्तानी छोड़ने के ऐलान के बावजूद हरमनप्रीत ने साफ किया कि भारतीय क्रिकेट से उनका रिश्ता खत्म नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कप्तानी की भूमिका भले ही समाप्त हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार हमेशा बना रहेगा। हरमनप्रीत ने अपने पोस्ट में टीम की साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों ने उनके अच्छे और मुश्किल दोनों समय में उनका साथ दिया। अपने संदेश के अंत में हरमनप्रीत ने संकेत दिया कि अब वह कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग होकर दोबारा सिर्फ खेल के लिए खेलने पर ध्यान देना चाहती हैं। उन्होंने अपने सफर को इस भाव के साथ समेटा कि कप्तानी भले खत्म हो गई हो, लेकिन उनका क्रिकेट का सफर अभी जारी है।

2016 में पहली बार मिली थी कप्तानी


हरमनप्रीत कौर ने करीब एक दशक तक भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी की। साल 2016 में उन्हें पहली बार टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी में कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट और मुकाबले देखे। उनकी कप्तानी में भारत ने कई एशिया कप खिताब जीते। इसके अलावा टीम ने 2025 वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम ने लगातार दो गोल्ड मेडल जीते, जिनमें हालिया 2026 का स्वर्ण पदक भी शामिल है। अब हरमनप्रीत कौर कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग हो गई हैं, लेकिन बतौर खिलाड़ी भारतीय महिला टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी। उनके कप्तानी कार्यकाल के बाद टीम की अगली नेतृत्व व्यवस्था में स्मृति मंधाना की भूमिका अहम मानी जा रही है।