क्वालीफायर-2 में गुजरात के खिलाफ क्यों नहीं चली राजस्थान की रणनीति? कप्तान रियान पराग ने किया खुलासा

आईपीएल 2026 के क्वालीफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स का सफर गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। फाइनल में पहुंचने की उम्मीद लेकर मैदान पर उतरी राजस्थान की टीम निर्णायक मुकाबले में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी और गुजरात ने शानदार जीत दर्ज करते हुए खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने हार के पीछे की वजहों पर खुलकर बात की और माना कि टीम कुछ अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करने में असफल रही।

रियान पराग के अनुसार राजस्थान की बल्लेबाजी ने उम्मीद के मुताबिक स्कोर नहीं बनाया। उनका मानना है कि टीम कम से कम 20 से 25 रन पीछे रह गई, जिसका असर नतीजे पर साफ दिखाई दिया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गुजरात की मजबूत ओपनिंग जोड़ी को शुरुआती झटके देना बेहद जरूरी था, लेकिन राजस्थान ऐसा नहीं कर सकी। यही वह मोड़ था जहां से मुकाबला धीरे-धीरे गुजरात के पक्ष में जाता दिखाई दिया।

215 रन पर्याप्त थे, लेकिन 230 का आंकड़ा बदल सकता था मैच


पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कप्तान पराग ने कहा कि पहली नजर में 215 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी लग रहा था और उसे बचाया भी जा सकता था। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि दूसरी पारी से पहले विकेट पर भारी रोलर चलाए जाने के बाद बल्लेबाजी की परिस्थितियां बेहतर हो गई थीं। उनके मुताबिक पहली पारी के दौरान स्पिन गेंदबाजों को थोड़ी अतिरिक्त मदद मिल रही थी और धीमी गेंदें भी असरदार साबित हो रही थीं।

पराग ने कहा कि एक समय ऐसा लग रहा था कि राजस्थान 230 रन के आसपास पहुंच जाएगी। उनके अनुसार बड़े मुकाबलों में 15 से 20 अतिरिक्त रन ही जीत और हार का अंतर पैदा करते हैं। कप्तान का मानना है कि यदि टीम 230 या 240 रन का स्कोर खड़ा कर देती, तो गुजरात के लिए लक्ष्य का पीछा करना कहीं अधिक कठिन हो सकता था। लेकिन 215 के स्कोर के साथ विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को देखते हुए शुरुआत में विकेट लेना बेहद जरूरी था, जो नहीं हो पाया।
युवा टीम ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया

सीजन के समग्र प्रदर्शन पर बात करते हुए रियान पराग ने अपनी टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स ने इस साल कई सकारात्मक चीजें हासिल की हैं। टीम में कई युवा खिलाड़ी थे, जिनके पास आईपीएल का सीमित अनुभव था। इसके अलावा पूरे सीजन के दौरान कई नए संयोजन और रणनीतियों को आजमाया गया।

पराग ने माना कि टूर्नामेंट की शुरुआत में शायद बहुत कम लोगों ने राजस्थान को इस मुकाम तक पहुंचने का दावेदार माना होगा। लेकिन खिलाड़ियों ने जिस जज्बे और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया, उसने टीम को क्वालीफायर-2 तक पहुंचा दिया। उनके अनुसार यह सफर भविष्य की सफलता के लिए मजबूत नींव साबित हो सकता है और आने वाले वर्षों में टीम इससे काफी लाभ उठाएगी।

वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी से प्रभावित दिखे कप्तान

मैच के बाद रियान पराग ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी को केवल बड़े शॉट्स लगाने तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। कई लोग मानते हैं कि युवा खिलाड़ी केवल आक्रामक अंदाज में बल्ला घुमाकर रन बनाते हैं, लेकिन वैभव का खेल उससे कहीं अधिक परिपक्व है।

पराग ने कहा कि वैभव की सफलता का राज उनकी समझ और परिस्थितियों को पढ़ने की क्षमता है। वह बिना सोचे-समझे शॉट खेलने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि हर गेंद और हर स्थिति का आकलन करने के बाद निर्णय लेते हैं। कप्तान ने माना कि इतनी कम उम्र में उनकी क्रिकेटिंग समझ असाधारण है और यही बात उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

भारत के लिए खेलने की जताई उम्मीद

रियान पराग ने आगे कहा कि वैभव सूर्यवंशी जिस तरह से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे देखकर वह खुद भी हैरान हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह युवा खिलाड़ी भविष्य में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगा।

कप्तान ने यह भी कहा कि राजस्थान रॉयल्स चाहती है कि वैभव लंबे समय तक फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े रहें और आने वाले वर्षों में टीम को दूसरी आईपीएल ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाएं। पराग के मुताबिक वैभव में वह क्षमता मौजूद है, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बना सकती है।