भारतीय क्रिकेट में ऑलराउंडरों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए Ravindra Jadeja ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। IPL 2026 में Rajasthan Royals और Royal Challengers Bengaluru के बीच खेले गए मुकाबले में टीम की 6 विकेट से जीत के दौरान जडेजा ने T20 क्रिकेट में 4000 रन और 200 विकेट का अहम आंकड़ा छू लिया। इस उपलब्धि के साथ वह भारत के सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने यह दुर्लभ डबल हासिल किया है।
गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जडेजा ने नाबाद 24 रनों की उपयोगी पारी खेलते हुए यह मील का पत्थर पूरा किया। उनकी यह पारी भले ही छोटी थी, लेकिन इसके जरिए उन्होंने अपने करियर में एक बड़ा अध्याय जोड़ लिया। अब उनके नाम T20 क्रिकेट में 4016 रन और 238 विकेट दर्ज हो चुके हैं, जो उनके शानदार ऑलराउंड कौशल को साबित करते हैं।
इस खास क्लब में उनसे पहले केवल Hardik Pandya शामिल थे, जिनके नाम 6165 रन और 227 विकेट दर्ज हैं। हालांकि, जडेजा इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दुनिया के कुल 25वें क्रिकेटर बन गए हैं। अब उनकी नजरें अगले लक्ष्य पर हैं—T20 क्रिकेट में 5000 रन और 250 विकेट का आंकड़ा छूना, जो उन्हें और भी विशिष्ट ऑलराउंडर्स की श्रेणी में शामिल कर देगा।
IPL में जडेजा का शानदार सफरRavindra Jadeja ने अपने IPL करियर की शुरुआत 2008 में Rajasthan Royals के साथ की थी, और उसी सीजन में टीम ने खिताब भी अपने नाम किया था। इसके बाद उन्होंने Chennai Super Kings, कोच्चि टस्कर्स केरल और गुजरात लायंस जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। IPL में उनके नाम अब तक 173 विकेट दर्ज हैं, जिससे वह लीग इतिहास में सबसे सफल गेंदबाजों की सूची में नौवें स्थान पर पहुंच चुके हैं।
स्पिन गेंदबाजों की सूची में भी जडेजा का दबदबा कायम है। वह IPL में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले छठे स्पिनर हैं। उनसे आगे केवल कुछ चुनिंदा दिग्गज गेंदबाज मौजूद हैं, जिनमें Yuzvendra Chahal (224 विकेट), Sunil Narine (194 विकेट), Piyush Chawla (192 विकेट), Ravichandran Ashwin (187 विकेट) और अमित मिश्रा (174 विकेट) शामिल हैं।
T20I क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्डT20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भी Ravindra Jadeja का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने भारत के लिए 515 रन बनाए हैं और 54 विकेट भी अपने नाम किए हैं। वह 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा थे, जिसमें भारत ने खिताब अपने नाम किया था।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद जडेजा ने T20I क्रिकेट से संन्यास ले लिया, लेकिन वह अभी भी टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं और टीम के लिए लगातार योगदान दे रहे हैं।