इतिहास में नौवीं बार हुआ करिश्मा! लॉर्ड्स टेस्ट में भारत और इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए बराबर 387 रन

लॉर्ड्स टेस्ट में भारत और इंग्लैंड के बीच एक ऐसा ऐतिहासिक संयोग बना, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक केवल नौवीं बार हुआ है। दोनों टीमों ने अपनी पहली पारी में 387-387 रन बनाए, जिससे मैच में रोमांच और गहराता जा रहा है। भारत की ओर से केएल राहुल ने शानदार शतक जड़ा, जबकि ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा ने अर्धशतक से टीम की मजबूती में योगदान दिया।

केएल राहुल का शतक, पंत-जडेजा की दमदार पारियां

तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन भारत ने केएल राहुल की क्लासिक पारी के दम पर इंग्लैंड की पहली पारी के स्कोर की बराबरी की। राहुल ने 177 गेंदों में 100 रन बनाकर लॉर्ड्स में अपना दूसरा टेस्ट शतक जमाया और दिलीप वेंगसरकर के बाद लॉर्ड्स में दो शतक जड़ने वाले केवल दूसरे भारतीय बन गए। वहीं ऋषभ पंत ने 74 रन बनाए और जडेजा ने 72 रनों की जिम्मेदारी भरी पारी खेली।

भारतीय निचला क्रम ज्यादा योगदान नहीं दे सका, लेकिन शीर्ष और मध्यक्रम की साझेदारियों ने भारत को 387 के बड़े स्कोर तक पहुंचा दिया।

इतिहास में सिर्फ नौ बार हुआ ऐसा संयोग

टेस्ट क्रिकेट में अब तक केवल नौ बार ऐसा हुआ है जब दोनों टीमें पहली पारी में एक जैसे स्कोर पर रुकी हों। पहली बार यह 1910 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच डरबन टेस्ट में हुआ था, जब दोनों टीमों ने 199 रन बनाए थे। इस मामले में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच 1994 में बना था, जब दोनों टीमों ने 593 रन बनाए थे।

अब लॉर्ड्स टेस्ट में बना 387 रन का स्कोर इस सूची में पांचवें स्थान पर है। भारत इससे पहले दो बार इस सूची में जगह बना चुका है — 1958 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कानपुर में (222 रन) और 1986 में इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में (390 रन)। लॉर्ड्स टेस्ट तीसरा अवसर है जब भारत इस दुर्लभ सूची में शामिल हुआ है।

तीसरे दिन का समापन इंग्लैंड बिना विकेट खोए

भारत की पहली पारी समाप्त होने के बाद इंग्लैंड की दूसरी पारी की शुरुआत तीसरे दिन के आखिरी आठ मिनट में हुई। जैक क्रॉली और बेन डकेट की जोड़ी ने जसप्रीत बुमराह का एकमात्र ओवर खेला और स्कोर 2/0 तक पहुंचाया।

हालांकि, इस छोटे से खेल के दौरान कुछ विवाद भी देखने को मिला, जब भारतीय कप्तान शुभमन गिल का इंग्लिश ओपनर्स से समय गंवाने को लेकर विवाद हो गया। अंपायरों को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और मैच में तनाव का माहौल नजर आया।