भारत और इंग्लैंड के बीच केनिंग्टन ओवल में जारी पांचवें और अंतिम टेस्ट मुकाबले के दौरान एक दिलचस्प घटनाक्रम ने सबका ध्यान खींचा। भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट के बीच हुई जुबानी नोकझोंक ने क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। हालांकि अब प्रसिद्ध कृष्णा ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए एक ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट फैंस को और भी हैरानी में डाल दिया है।
प्रसिद्ध ने इस विवाद पर बोलते हुए कहा, यह हमारे प्लान का हिस्सा था। कई बार बल्लेबाज को मानसिक रूप से दबाव में लाने के लिए हमें ऐसी रणनीति अपनानी पड़ती है। रूट जैसे अनुभवी बल्लेबाज के खिलाफ यह जरूरी हो जाता है कि हम उसे उसकी लय से बाहर करें।
उनके इस बयान से यह साफ हो गया कि जो कुछ भी मैदान पर हुआ, वह सिर्फ एक संयोग नहीं बल्कि सोच-समझकर रची गई योजना का हिस्सा था। यह घटना दूसरे दिन उस वक्त देखने को मिली जब इंग्लैंड की टीम बल्लेबाजी कर रही थी और भारतीय गेंदबाजों ने आक्रामक तेवर दिखाए। जो रूट और प्रसिद्ध कृष्णा के बीच काफी तीखी बहस हुई, जिसे स्टंप माइक में रिकॉर्ड किया गया और सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया।
इस मैच में भारत ने पहली पारी में महज 224 रन बनाए थे। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को पहली पारी में 247 रनों पर रोक दिया। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने 4-4 विकेट लेकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। खासकर प्रसिद्ध की गेंदबाजी में आक्रामकता और नियंत्रण साफ नजर आया। रूट के खिलाफ उनकी गेंदबाजी काफी सटीक रही, जिसने इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशानी में डाला।
यह टेस्ट मुकाबला सीरीज का आखिरी मैच है और दोनों टीमें इसे जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। जहां भारत की नजरें एक मजबूत वापसी पर हैं, वहीं इंग्लैंड घरेलू हालात का लाभ उठाकर सीरीज में बढ़त बनाना चाहती है। इस पृष्ठभूमि में मैदान पर हुए विवाद और रणनीति से जुड़े खुलासे ने मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है।
टीम इंडिया के इस युवा गेंदबाज का यह खुलासा न सिर्फ उसकी मानसिकता और योजना का परिचय देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय टीम अब मानसिक खेल में भी बराबरी से मुकाबला कर रही है। ऐसे में क्रिकेट के मैदान पर सिर्फ बल्ला और गेंद ही नहीं, बल्कि दिमाग की चालें भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
अगर मुकाबला इसी रफ्तार से चलता रहा, तो यह टेस्ट मैच यादगार साबित हो सकता है — न सिर्फ गेंदबाजी या बल्लेबाजी के लिए, बल्कि रणनीति और मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए भी।