भारतीय क्रिकेट के दो सबसे चमकते सितारे — रोहित शर्मा और विराट कोहली — अगर 2027 वर्ल्ड कप खेलने का सपना देख रहे हैं, तो उन्हें अब सिर्फ फिट रहने से काम नहीं चलेगा, बल्कि मैच फिटनेस बनाए रखने के लिए नियमित रूप से घरेलू क्रिकेट खेलना भी जरूरी होगा। यह कहना है भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का, जिन्होंने अपने यूट्यूब वीडियो में इस विषय पर विस्तार से बात की।
इरफान का कहना है कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के पास अनुभव की कोई कमी नहीं है, लेकिन अब जब उन्होंने टेस्ट और टी20 से संन्यास ले लिया है, तो उनके पास खेलने के मौके बहुत सीमित रह गए हैं। ऐसे में यदि वे मैदान पर समय नहीं बिताएंगे, तो बड़े टूर्नामेंट के लिए जरूरी लय और मानसिक तैयारी नहीं बन पाएगी।
रोहित शर्मा अपनी फिटनेस पर काफी काम कर रहे हैं, लेकिन केवल शारीरिक फिटनेस से नहीं चलेगा। मैदान पर मैच खेलने से जो फॉर्म और मानसिक स्थिति बनती है, वह बेहद जरूरी है। यही मैच फिटनेस कहलाती है, इरफान ने कहा।
उन्होंने आगे कहा, अब ये दोनों खिलाड़ी केवल वनडे खेल रहे हैं, और भारत अब उतने ज्यादा वनडे मैच भी नहीं खेलता। ऐसे में दो मैचों के बीच लंबा गैप रहेगा। यही वजह है कि उन्हें घरेलू टूर्नामेंट जैसे कि विजय हजारे ट्रॉफी खेलनी चाहिए, ताकि वह खेल की गति में बने रहें।
वर्ल्ड कप 2027 तक का रास्ताइस साल मई में रोहित और कोहली ने कुछ ही दिनों के अंतर पर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था — रोहित ने 7 मई और कोहली ने 12 मई को। इससे पहले दोनों ने भारत को 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीताने के बाद टी20 प्रारूप से भी विदाई ले ली थी। अब वनडे ही उनका अंतिम अंतरराष्ट्रीय मंच बचा है, और वह भी एक सीमित खिड़की के साथ।
BCCI ने 4 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान किया, जिसमें शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान बनाया गया और रोहित शर्मा को नेतृत्व से हटाया गया। हालांकि, रोहित और कोहली दोनों टीम में शामिल हैं और चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद पहली बार राष्ट्रीय टीम में लौट रहे हैं।
खबरों की मानें तो रोहित शर्मा ने पिछले कुछ महीनों में 10 किलो तक वजन कम किया है और कोहली हमेशा की तरह फिटनेस व स्किल को लेकर गंभीर हैं। लेकिन 2027 वर्ल्ड कप तक रोहित 40 वर्ष और कोहली 38 वर्ष के हो जाएंगे, ऐसे में उम्र और फॉर्म दोनों ही चुनौती बनकर सामने होंगे।
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर पहले ही इस बात पर जोर दे चुके हैं कि अगर इन अनुभवी खिलाड़ियों को चयन में बने रहना है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलना ही होगा।
अब सवाल यह है कि क्या रोहित और विराट अपने अनुभव, फिटनेस और समर्पण के दम पर एक बार फिर से भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ पाएंगे? या फिर 2027 वर्ल्ड कप उनके करियर का अधूरा सपना बनकर रह जाएगा? वक्त ही इसका जवाब देगा, लेकिन फिलहाल उनकी राह घरेलू क्रिकेट से होकर ही जाती दिख रही है।