IPL 2026 फाइनल हारते ही गुजरात टाइटंस के नाम जुड़ा अनचाहा रिकॉर्ड, घरेलू मैदान पर दूसरी बार टूटा खिताब का सपना

आईपीएल 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हाथों मिली हार गुजरात टाइटंस (GT) के लिए सिर्फ एक खिताबी झटका नहीं थी, बल्कि इसके साथ टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया जिसे कोई भी फ्रेंचाइजी अपने खाते में नहीं देखना चाहेगी। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में हार के बाद गुजरात आईपीएल इतिहास की पहली टीम बन गई है, जिसने अपने घरेलू मैदान पर दो बार फाइनल गंवाया है।

इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल के इतिहास में कई टीमें अपने होम ग्राउंड पर फाइनल हार चुकी हैं, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी के साथ ऐसा दो बार नहीं हुआ था। गुजरात टाइटंस ने 2023 और अब 2026 में अपने घरेलू मैदान पर खिताबी मुकाबला गंवाकर यह अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यही वजह है कि यह हार टीम के लिए और भी ज्यादा निराशाजनक मानी जा रही है।

दिलचस्प बात यह है कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम गुजरात टाइटंस के लिए खुशियों और निराशाओं दोनों का गवाह रहा है। इसी मैदान पर टीम ने 2022 में आईपीएल ट्रॉफी जीतकर अपने सफर की शानदार शुरुआत की थी। हालांकि इसके बाद 2023 और 2026 में जब भी खिताबी मुकाबला इसी मैदान पर खेला गया, गुजरात को हार का सामना करना पड़ा। इस तरह दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम ने टीम को एक बार चैंपियन बनाया, लेकिन दो बार खिताब से दूर भी कर दिया।

इस रिकॉर्ड से पहले मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी बड़ी टीमें भी अपने घरेलू मैदान पर एक-एक फाइनल हार चुकी थीं। मुंबई इंडियंस को 2010 के आईपीएल फाइनल में नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में हार मिली थी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स को 2012 में अपने घरेलू मैदान एमए चिदंबरम स्टेडियम, चेपॉक में खिताबी मुकाबला गंवाना पड़ा था। इसके अलावा 2016 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में हार का सामना करना पड़ा था।

हालांकि इन सभी टीमों ने केवल एक बार अपने होम ग्राउंड पर फाइनल गंवाया था, जबकि गुजरात टाइटंस अब इस सूची में सबसे ऊपर पहुंच गई है। टीम के खाते में घरेलू मैदान पर दो फाइनल हारने का रिकॉर्ड दर्ज हो चुका है, जो आईपीएल इतिहास में पहली बार देखने को मिला है।
गुजरात की पहली खिताबी हार साल 2023 में इसी मैदान पर हुई थी, जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने रोमांचक मुकाबले में उन्हें मात दी थी। उस समय टीम की कमान हार्दिक पांड्या के हाथों में थी। वहीं आईपीएल 2026 में शुभमन गिल की कप्तानी में गुजरात ने एक बार फिर फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन ट्रॉफी जीतने का सपना अधूरा रह गया।

इस बार फाइनल मुकाबला मूल रूप से किसी अन्य शहर में आयोजित होने वाला था, लेकिन बाद में मेजबानी बदलकर अहमदाबाद को सौंप दी गई। घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलने की उम्मीद थी, मगर गुजरात इस अवसर का लाभ नहीं उठा सकी। मैच के दौरान टीम की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और पावरप्ले में ही अहम विकेट गंवाने पड़े।

पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस शुरुआती झटकों से पूरी तरह उबर नहीं पाई। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम बड़े स्कोर की ओर नहीं बढ़ सकी। मध्यक्रम ने कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन निर्धारित 20 ओवर में टीम केवल 155 रन ही बना सकी, जो फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में चुनौतीपूर्ण स्कोर नहीं माना जा रहा था।

गेंदबाजी में भी गुजरात की टीम वह दबाव नहीं बना पाई जिसकी जरूरत थी। आरसीबी के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाया और लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच पर पकड़ मजबूत बनाए रखी। खासकर विराट कोहली की शानदार पारी ने गुजरात की उम्मीदों को धीरे-धीरे खत्म कर दिया।

अंततः आरसीबी ने 18 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लगातार दूसरा आईपीएल खिताब अपने नाम कर लिया, जबकि गुजरात टाइटंस को एक बार फिर अपने घरेलू मैदान पर निराशा का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ टीम के नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे वह आने वाले वर्षों में जल्द से जल्द भुलाना चाहेगी।