जयपुर। जयपुर के प्रतिष्ठित सवाई मानसिंह स्टेडियम की साउथ ब्लॉक स्थित शेन वॉर्न गैलरी पहली ही बारिश में जर्जर साबित हुई. IPL सीजन के दौरान राजस्थान रॉयल्स द्वारा कराए गए 9.85 करोड़ रुपये के रिनोवेशन का हाल महज़ तीन महीने में सामने आ गया है. लाखों की लागत से बनी फॉल सीलिंग गिर गई, छतें टपकने लगीं और दीवारों में सीलन नजर आने लगी.
राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी ने IPL मुकाबलों से पहले इस साउथ ब्लॉक को अत्याधुनिक सुविधाओं से सजाया था और इसे “शेन वॉर्न गैलरी” नाम दिया गया था. लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि गैलरी में खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया है।
खेल परिषद ने भेजा नोटिसखेल परिषद के अध्यक्ष नीरज के. पवन ने स्टेडियम का निरीक्षण कर अनियमितताएं पाई और तुरंत राजस्थान रॉयल्स को नोटिस जारी कर दिया. उनका कहना है कि फ्रेंचाइजी ने करीब 2-3 करोड़ रुपये सिर्फ साउथ ब्लॉक के लिए खर्च किए थे, जिसका भुगतान परिषद ने किया. लेकिन इतनी बड़ी राशि के बावजूद निर्माण गुणवत्ता बेहद खराब निकली।
नीरज के. पवन, अध्यक्ष, खेल परिषद ने कहा कि, राजस्थान रॉयल्स द्वारा कराए गए कार्य की तकनीकी और भौतिक गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी. जो टूट-फूट हुई है, उसका सारा खर्च फ्रेंचाइजी को ही उठाना होगा।
गैलरी की हालत — एक रिपोर्टशहर की प्रमुख गैलरी की मौजूदा हालत बेहद चिंताजनक है। भवन की छत से लगातार बारिश का पानी टपक रहा है, जिससे पूरे स्ट्रक्चर में नमी और क्षरण फैल गया है। सबसे अधिक खराब स्थिति फॉल सीलिंग की है, जो जगह-जगह से गिर चुकी है और लाइटें अब लटकती नजर आ रही हैं।
गैलरी की वुडन फ्लोरिंग भी अब पूरी तरह से खराब हो चुकी है, जिससे वहाँ चलने-फिरने में भी असुविधा और खतरा दोनों मौजूद है। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित ड्रेसिंग रूम और हॉल की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है, जहां डक्ट के माध्यम से पानी भरने लगा है। इससे न केवल इस्तेमाल में मुश्किल हो रही है, बल्कि वहां सीलन भी लगातार बढ़ती जा रही है।
दीवारों में फैली सीलन अब साफ दिखने लगी है, जो भवन के अंदरूनी ढांचे को लगातार नुकसान पहुँचा रही है। वहीं, कैमरा पोजिशन के लिए बनाए गए स्ट्रक्चर में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बारिश के पानी के जमा होने से वह हिस्सा भी कमजोर होता जा रहा है।
सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि गैलरी की छत पर खुले बिजली के तार फैले हुए हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। प्रशासन या संबंधित विभागों द्वारा अब तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे साफ ज़ाहिर है कि सुरक्षा और संरक्षण को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
अब आगे क्या होगा?राजस्थान में घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत निकट है। खेल परिषद ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) को स्टेडियम 1 लाख रुपये प्रतिदिन की दर से किराए पर देने की तैयारी कर ली है. ऐसे में टूटी हुई गैलरी को ठीक करना जरूरी हो गया है।
इस घटना ने न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स की निर्माण कार्यों पर निगरानी को कटघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि खेल परिषद की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं. अब देखना यह होगा कि फ्रेंचाइजी समय पर मरम्मत का कार्य करती है या यह मामला लंबी जांच और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में उलझता है।