आईपीएल 2026 में शुक्रवार की रात चेन्नई सुपर किंग्स के युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में कंबोज की गेंदबाजी पूरी तरह बिखर गई और उन्होंने अपने छोटे से स्पेल में ऐसे रिकॉर्ड बना दिए जिन्हें कोई भी गेंदबाज याद नहीं रखना चाहेगा। टी20 क्रिकेट में जहां एक अच्छा स्पेल खिलाड़ी को रातोंरात स्टार बना देता है, वहीं एक खराब दिन करियर पर गहरा असर छोड़ सकता है। लखनऊ के बल्लेबाजों ने कंबोज पर ऐसा हमला बोला कि वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे और दुर्भाग्यपूर्ण स्पेल डालने वाले गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए।
चेन्नई सुपर किंग्स को इस मुकाबले में 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अंशुल कंबोज के प्रदर्शन की रही। उन्होंने सिर्फ 2.4 ओवर गेंदबाजी की और इस दौरान 63 रन खर्च कर डाले। हैरानी की बात यह रही कि उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला। उनका इकॉनमी रेट 23.60 का रहा, जो किसी भी गेंदबाज के लिए बेहद निराशाजनक आंकड़ा माना जाता है। लखनऊ के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही उन्हें निशाने पर रखा और मैदान के हर कोने में शॉट लगाए।
यह स्पेल अब आईपीएल इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स के किसी गेंदबाज द्वारा डाला गया दूसरा सबसे महंगा स्पेल बन गया है। इस शर्मनाक सूची में पहले नंबर पर खलील अहमद मौजूद हैं, जिन्होंने साल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 3 ओवर में 65 रन लुटाए थे। कंबोज ने अब उस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंचते हुए अपने नाम 0/63 का आंकड़ा दर्ज कराया है।
आईपीएल में सीएसके के गेंदबाजों के सबसे महंगे स्पेल की सूची पर नजर डालें तो इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं। खलील अहमद के 0/65 के बाद अब अंशुल कंबोज का 0/63 दूसरे नंबर पर आ गया है। इसके बाद लुंगी एनगिडी का मुंबई इंडियंस के खिलाफ 0/62, शार्दुल ठाकुर का आरसीबी के खिलाफ 2/61 और सिमरजीत सिंह का गुजरात टाइटंस के खिलाफ 0/60 का स्पेल शामिल है। कंबोज का नाम इतनी जल्दी इस सूची में शामिल होना उनके लिए निश्चित रूप से बड़ा झटका माना जाएगा।
सिर्फ इतना ही नहीं, अंशुल कंबोज आईपीएल इतिहास के दूसरे ऐसे गेंदबाज भी बन गए हैं जिन्होंने तीन या उससे कम ओवर गेंदबाजी करते हुए 60 से ज्यादा रन दे दिए। इससे पहले यह अनचाहा रिकॉर्ड भी खलील अहमद के नाम था। अब कंबोज ने भी उसी सूची में जगह बना ली है, जो किसी भी युवा गेंदबाज के लिए बेहद कठिन अनुभव माना जाएगा।
लखनऊ के बल्लेबाजों ने कंबोज पर पूरी पारी में लगातार दबाव बनाए रखा। खासतौर पर निकोलस पूरन और मिचेल मार्श ने उन्हें बिल्कुल भी संभलने का मौका नहीं दिया। पारी के पांचवें ओवर में मिचेल मार्श ने उनकी लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ दिए। इसके बाद 17वें ओवर में निकोलस पूरन ने भी चार छक्के लगाकर मैच लगभग खत्म कर दिया। इसी के साथ अंशुल कंबोज आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे गेंदबाज बन गए, जिनके खिलाफ एक ही मैच में दो अलग-अलग ओवरों में चार-चार छक्के लगाए गए।
कंबोज की गेंदबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मैच में कुल 16 गेंदें फेंकीं, जिनमें से 11 गेंदों पर बल्लेबाजों ने चौका या छक्का लगाया। यानी उनकी लगभग 68.75 प्रतिशत गेंदें बाउंड्री के लिए गईं। टी20 क्रिकेट में यह आंकड़ा किसी भी गेंदबाज के लिए बेहद खराब माना जाता है।
इस मुकाबले में अंशुल कंबोज ने कुल आठ छक्के खाए। इसके साथ ही उन्होंने आईपीएल में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के खाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले 2023 में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ यश दयाल ने भी एक मैच में आठ छक्के दिए थे। अब कंबोज भी इस अनचाहे रिकॉर्ड में उनके साथ शामिल हो गए हैं।
हालांकि आईपीएल इतिहास में सबसे खराब बाउंड्री प्रतिशत का रिकॉर्ड अभी भी वॉशिंगटन सुंदर के नाम दर्ज है। सुंदर ने 2024 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपने 1/46 के स्पेल में 12 गेंदों में 10 बाउंड्री दी थीं। उस दौरान उनकी 83.33 प्रतिशत गेंदें बाउंड्री तक पहुंची थीं। लेकिन कंबोज का यह प्रदर्शन भी उन सबसे खराब गेंदबाजी प्रदर्शनों में गिना जाएगा जिन्हें आईपीएल फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे।