नागौर : बैंक के बकाया केसीसी में जालसाजी, फर्जी सील लगाकर पाया ऋण के चुकता होने का नोड्यूज

किले की ढाल स्थित आईसीआईसीआई बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक दिलीप गुर्जर ने जायल पुलिस को एक रिपोर्ट भी सौंपी है। फर्जी हस्ताक्षर एवं सील का उपयोग कर एक बैंक का बकाया केसीसी जमा होने का नोड्यूज तैयार करने का गंभीर मामला सामने आया है। इसकी भनक अन्य ऋणियों की ओर से बैंक को होने पर बैंक ने तहसीलदार जायल में रहन जारी रखने के लिए कहा। साथ ही बैंक के प्रतिनिधि ने दस्तावेज जांजे तो सामने आया कि हड़मानराम की ओर से बैंक के लेटर पेड का प्रयोग कर एक फर्जी नोड्यूज तैयार किया है।
आरोप है कि शाखा में जायल तहसील के बोड़वा निवासी हड़मानराम पुत्र मोतीराम मेघवाल का आना-जाना था तथा उसने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण सुविधा के लिए आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर हड़मानराम को उसकी 46 बीघा 2 बिस्वा जमीन पर बैंक से 8 लाख 29 हजार 500 रुपए स्वीकृत हुए। जो उसके खाते में डाले गए, लेकिन हड़मान ने नियमित रूप से किस्तों को अदा नहीं किया। इसके चलते 31 अक्टूबर 2020 तक 10 लाख 13 हजार 780 रुपए बकाया हो गए।पुलिस के अनुसार केसीसी बकाया होने की वजह से हड़मान की उपरोक्त भूमि बैंक के नाम दर्ज थी। इससे वह उक्त भूमि को ब्रिकी करना तो दूर अतिरिक्त ऋण भी नहीं ले सकता था। इसी के चलते हड़मान के मन में लालच आ गया। उसने कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार किए और फर्जी हस्ताक्षर एवं सील लगाने के बाद बैंक में समस्त ऋण चुकता होने पर बैंक की ओर से ही जारी किया जाने वाला अदेय प्रमाण पत्र (नोड्यूज) तैयार कर लिया। इसके बाद यह नोड्यूज तहसीलदार जायल में पेश कर दिया। इसके बाद वहां भी उक्त प्रमाण पत्र की बैंक से पुष्टि के लिए नोड्यूज को स्वयं लेकर गया और बैंक की फर्जी सील व कूटरचित हस्ताक्षर कर वापस तहसील कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया।