विप्र समाज के प्रांतीय अधिवेशन ने दिया नया नारा, 'हम दो हमारे चार', समाज में किया जाएगा जागरण

जयपुर। प्रदेश में ब्राह्मण समाज अपनी जनसंख्या बढ़ाएगा। इसके लिए ''हम दो, हमारे दो'' नहीं ''हम दो, हमारे चार'' के नारे के साथ समाज में जागरण किया जाएगा। विप्र महासभा के प्रांतीय अधिवेशन में समाज की जनसंख्या बढ़ाने के साथ ही समाज के कल्याण, रोजगार और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के प्रस्ताव पारित किए।

दो दिन पूर्व हुए विप्र महासभा के प्रांतीय अधिवेशन में यह नारा दिया गया। अधिवेशन की शुरूआत भगवान परशुराम के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान समाज के कल्याण के लिए छह प्रस्ताव भी पारित किए गए।

इसमें प्रदेश के पंडित पुजारी एवं ब्राह्मण समाज के उत्थान एवं कल्याण के लिए सरकार द्वारा गठित विप्र कल्याण बोर्ड, आर्थिक कमजोर वर्ग बोर्ड एवं देवस्थान बोर्ड संचालन की मांग की गई। साथ ही विप्र कल्याण बोर्ड एवं ईडब्ल्यूएस बोर्ड के बजट से गरीब परिवारों के बच्चों को निजी शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति देने की भी मांग की गई।

अधिवेशन में तय किया गया कि 'हम दो हमारे दो' का नारा देकर सभी सरकारों ने ब्राह्मण वर्ग के साथ छल और धोखा किया है। हम सब अनुशासित और राष्ट्रभक्त हैं और सरकार के आदेश को मानते हैं। इस कारण हमारी जनसंख्या निरन्तर गिरती जा रही है और हमारा राजनैतिक प्रतिनिधित्व भी कम होता जा रहा है। इसलिए विप्र महासभा प्रस्ताव पास करती है कि 'हम दो हमारे चार' का नारा अपनाओ जिससे निरन्तर कम होते जा रहे समाज को बढ़ाने की दिशा में काम हो।

इस संदर्भ में सरकार से मांग की गई कि पंचायत चुनाव व नगर निकाय चुनावों में, सरकारी नौकरियों में, प्रमोशन में व अन्य सरकारी योजनाओं में दो बच्चे की बन्दिश को हटाया जाए। इसके अलावा सामाजिक कुरीतियों को त्यागने की बात कही गई। इसमें दहेज प्रथा, प्री वेडिंग शूट, विवाह एवं अन्य समारोह में फिजूलखर्ची को कम करने के साथ ही यथा सम्भव दिन में फेरे और अन्य वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव पास किया गया।
समाज की युवा पीढ़ी को व्यावसायिक क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रूचि लेने के लिये विप्र महासभा द्वारा अभियान चलाया जाएगा। साथ ही चिकित्सा व शिक्षा के क्षेत्र में निजी हॉस्पिटल व संस्थानों से टाईअप कर समाज के लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए महासभा सक्रिय रूप से कार्य करेगी। इसी तरह हर साल की तरह भगवान परशुराम जन्मोत्सव को सभी समाजों को जोड़कर सामाजिक समरसता के रूप में पूरे प्रदेश में मनाने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर संरक्षक नटवर लाल शर्मा, सुरेन्द्र पाराशर, महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया की मौजूदगी में नई कार्यकारिणी का विस्तार किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष पद पर योगेन्द्र भारद्वाज, चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ सोमेन्द्र सारस्वत, युवा प्रदेश अध्यक्ष दीपेश मिश्रा, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष अक्षत पुरोहित प्रदेश महामंत्री पद जीतेन्द्र मिश्रा एवं मनीष मुदगल को प्रदेश महामंत्री मीडिया प्रभारी, डॉ सुमित तिवाड़ी प्रदेश महासचिव प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, मालती शर्मा, रजनीकांत भारद्वाज को महासचिव पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।