अजीतगढ़-शाहपुरा स्टेट हाइवे के पर स्थित त्रिवेणी टोल प्लाजा पर शुक्रवार को लूट और आगजनी की वारदात हुई। वारदात का आरोपी कोई और नहीं बल्कि यहां काम करने वाला एक पूर्व कर्मचारी ही था। दरअसल, टोल संचालन करने वाली कंपनी ने उले कुछ दिन पहले नौकरी से निकाल दिया था। इससे गुस्साए युवक ने टोल पर पहुंचकर साथियों के साथ उत्पाद मचाया, कैश लूटा और फिर आग लगाकर फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक, युवक रघुराज गुर्जर को कुछ दिन पहले नौकरी से निकाल दिया था। शुक्रवार को वह अपने साथियों के साथ टोल प्लाजा पर पहुंच गया। पिस्तौल दिखाकर करीब दो लाख रुपए का कैश लूट लिया। वहीं उसके साथियों ने टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं वहां मौजूद लोगों के साथ लाठी सरियों से मारपीट की।
लूटपाट करने के बाद रघु अपने साथियों के साथ भागने से पहले बूथ में आग लगा गया। करीब एक घंटे तक चले इस उत्पात के बाद बूथ में काम करने वालों ने थाने में साढ़े छह बजे सूचना दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो वहां पर जला हुआ बूथ थे। जिसमें रखे सभी सामान जलकर खाक हो गए। गनीमत रही कि बूथ में रखा गैस सिलेंडर नहीं फटा, नहीं तो बड़ा धमाका हो सकता था।बूथ के सुपरवाइजर जगदीश प्रसाद ने थाने में दी शिकायत में बताया कि सीसीटीवी की सीडीआर भी लूट ले गए है। जानकारी में सामने आया कि कुछ दिनों पहले इसी टोल पर काम करता था। उसकी आए दिन झगड़ा करने और वाहन मालिकों से दुर्व्यवहार को लेकर उसे हटा दिया गया था। जिसके चलते उसने रंजिश पाल ली।
वहीं दूसरी और सामने आया कि रघु को नौकरी से निकाला तो उसका हिसाब बकाया था। जिसे लेने के लिए उसने ये हरकत की है। फिलहाल पुलिस ने दो टीमें लगाकर तलाश कर दी है। एक टीम जयपुर भेजी गई है, जबकि दूसरी टीम उसके गांव दिवराला और उसके आसपास भेजी गई है।