श्रीगंगानगर : होटल के कमरे में फंदा लगा दी जान, सुसाइड नोट में लिखा मैं नहीं बन सका अच्छा भाई और बेटा

बिजली निगम के एक लाइनमैन ने बस स्टैंड के पास हाेटल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना का साेमवार दाेपहर पता चला जब उसका कमरा नहीं खुला। हाेटल की सूचना पर पहले पुलिस, बाद में मृतक के परिजन माैके पर पहुंचे। उनकी माैजूदगी में कमरा खुलवाया गया। शव का पाेस्टमार्टम करवाकर परिजनाें काे साैंप दिया। जांच अधिकारी बस स्टैंड चाैकी प्रभारी एएसआई कैशव शर्मा ने बताया कि तीन ई छाेटी निवासी 28 वर्षीय जुगल किशाेर डिस्काॅम में लाइनमैन के पद पर तैनात था। उसकी कालियां फीडर पर ड्यूटी थी।
वह रविवार शाम काे हाेटल कृष्ण मुरारी में आया और कमरा लेकर साे गया। साेमवार काे दाेपहर तक जब कमरे में काेई हलचल नहीं हुई ताे हाेटल की ओर से चाैकी में सूचना दी गई। इस पर वे माैके पर पहुंचे। युवक की आईडी से पता जानकर तीन ई ग्राम पंचायत सरपंच सुनीता सिगड़ के ससुर अम्मीलाल से संपर्क किया। वे युवक के घर गए और परिजनाें काे साथ लेकर हाेटल पहुंचे। युवक के पिता के सामने कमरे का गेट खुलवाया गया। युवक कमरे में फंदे पर लटक रहा था। पुलिस ने मृतक के पिता सुरेशकुमार की रिपाेर्ट पर मर्ग दर्ज की। शव का पाेस्टमार्टम करवाकर परिजनाें काे साैंप दिया।जांच अधिकारी एएसआई केशव शर्मा ने बताया कि युवक के कमरे से एक सुसाइड नाेट भी बरामद किया है। इसमें उसने लिया है कि वह अच्छा भाई और अच्छा बेटा नहीं बन सका। इसलिए जीने की इच्छा नहीं रही है। परिवारजन मुझे माफ कर दें। जांच अधिकारी ने बताया कि सुसाइड नाेट में काेई संदिग्ध बात नहीं लिखी हुई है। इसे वजह सबूत जब्त किया गया है। लाइनमैन जुगल किशाेर की 8 माह पहले ही शादी हुई थी। इस घटना के पीछे के कारणाें का पता लगाने काे जांच की जा रही है।