अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल अस्थायी युद्धविराम लागू है, लेकिन हालात कब दोबारा तनावपूर्ण हो जाएं, इसका अंदाजा किसी को नहीं है। इसी अनिश्चितता के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव बना हुआ है और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे माहौल में भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी (Liquefied Natural Gas) की एक महत्वपूर्ण खेप ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है और अब यह भारत की ओर बढ़ रही है।
यह पहली बार है जब मार्च में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत के बाद किसी एलएनजी से लदे टैंकर ने इस रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार किया है। यह घटना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में धीरे-धीरे स्थिरता लौटने का संकेत मानी जा रही है।
जहाजों की ट्रैकिंग से जुड़े डेटा के अनुसार, सोमवार को ‘मुबाराज़’ नाम का टैंकर भारत के आसपास के समुद्री क्षेत्र में देखा गया है। यह वही जहाज है, जिसमें मार्च के महीने में संयुक्त अरब अमीरात की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप संयंत्र से एलएनजी भरी गई थी। युद्ध जैसे हालात शुरू होने के बाद यह जहाज लंबे समय तक खाड़ी क्षेत्र में ही फंसा रहा।
जानकारी के मुताबिक, लगभग 31 मार्च के आसपास इस जहाज ने अपना संचार सिग्नल भी बंद कर दिया था, जिससे इसकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई थी। हालांकि इस सप्ताह यह जहाज फिर से भारतीय समुद्री क्षेत्र के पास दिखाई दिया, जिससे यह संकेत मिला है कि दुनिया के सबसे संवेदनशील ऊर्जा मार्गों में से एक में तनाव कुछ हद तक कम हो रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ‘मुबाराज़’ फिलहाल चीन की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके भारत के नजदीक से गुजरने और मई के पहले सप्ताह तक भारतीय क्षेत्र के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
एलएनजी क्या होता है?एलएनजी का पूरा नाम Liquefied Natural Gas (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) है। यह प्राकृतिक गैस को अत्यधिक ठंडा करके बनाया जाता है। सामान्य प्रक्रिया में प्राकृतिक गैस को लगभग -162 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाता है, जिससे यह तरल अवस्था में बदल जाती है। इस प्रक्रिया के कारण गैस का आयतन बहुत कम हो जाता है, जिससे इसे बड़े जहाजों के जरिए लंबी दूरी तक आसानी से भेजा जा सकता है।
एलएनजी का इस्तेमाल सीधे तौर पर घरों में आमतौर पर नहीं किया जाता, लेकिन यह ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे दोबारा गैस में बदलकर बिजली उत्पादन, उद्योगों और घरेलू गैस आपूर्ति नेटवर्क में उपयोग किया जाता है। आधुनिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में इसकी भूमिका तेजी से बढ़ती जा रही है।
LNG क्यों महत्वपूर्ण है?हाल ही में भू-राजनीतिक तनावों के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध जैसे हालात पैदा कर दिए, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा। दूसरी ओर, अमेरिका की नीतियों और क्षेत्रीय तनावों ने भी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की स्थिरता को प्रभावित किया है।
यह वही मार्ग है, जहां से दुनिया की लगभग एक-पांचवीं एलएनजी आपूर्ति गुजरती है। इसलिए यहां किसी भी प्रकार की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति पर पड़ता है। इसी वजह से इस क्षेत्र में हलचल बढ़ने पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहती हैं।