रद्द नहीं होगी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021, भजनलाल सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया जवाब

जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर बेंच में गुरुवार सुबह सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करने के मामले पर सुनवाई शुरू होने से ठीक पहले भजनलाल सरकार ने अपना जवाब पेश कर दिया। इस जवाब में सरकार ने साफ शब्दों में कहा, 'भर्ती परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा। SIT की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।'

गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने इसी मामले में बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था- सभी ने एसआई भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की है। लगता है कि राज्य सरकार इस माँग को मान लेगी।

बुधवार को किरोड़ी लाल मीणा आरआईसी में आयोजित पंचायती राज विभाग की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे। यहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- क्रिस्टल क्लियर है, एसओजी ने कह दिया, पुलिस मुख्यालय ने कह दिया। अटॉर्नी जनरल (एजी) ने अपनी राय दे दी। कैबिनेट सब कमेटी ने कह दिया, इसका मतलब सरकार की राय है कि पेपर रद्द होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं तो सरकार का एक छोटा सा अंग हूं। कल क्या जवाब पेश किया जाएगा, यह तो मुख्यमंत्री ही बता सकते हैं। लेकिन, ऐसा लगता है कि बहुसंख्यक सब इंस्पेक्टर अभ्यर्थियों की मांग मान ली जाएगी।

परेड-पोस्टिंग पर लगी है रोक

19 नवंबर 2023 को हाई कोर्ट ने पेपर लीक की वजह से उलझी एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही इस भर्ती के तहत चयनित ट्रेनी एसआई की पासिंग आउट परेड व तैनाती पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जब तक इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक परेड-पोस्टिंग हाई कोर्ट के आदेशों के अधीन रहेगी। आपको बता दें कि यह भर्ती परीक्षा 859 पदों को भरने के लिए निकाली गई थी। लेकिन जांच में पुलिस ने 50 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर और 2 आरपीएससी सदस्यों सहित कुल 150 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनमें से ज्यादातर को बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

'SOG ने की परीक्षा रद्द करने की सिफारिश'

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील का कहना है कि स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप ने इस भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की है। पुलिस मुख्यालय ने भी इस रिपोर्ट पर सहमति जताई है और महाधिवक्ता ने भी अपनी राय दी है कि इस भर्ती को रद्द किया जाए और 2021 में जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, उनकी परीक्षा को फिर से लिया जाए। इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। राज्य सरकार ने सब-इंस्पेक्टर्स को ट्रेनिंग का समय दिया। बहुत जल्द उनकी फील्ड पोस्टिंग और पासिंग आउट परेड होने वाली थी, जिस पर कोर्ट ने रोक लगा दी।