चांदी में 8% और सोने में 4% की ज़ोरदार उछाल, ऐतिहासिक गिरावट के बाद बाजार में दमदार कमबैक

लगातार तीन दिनों तक चली तेज़ गिरावट के बाद सोने और चांदी की कीमतों ने आखिरकार जोरदार पलटवार किया है। मंगलवार, 3 फरवरी को कीमती धातुओं के बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली, जिसने निवेशकों को बड़ी राहत दी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना करीब 4 प्रतिशत उछलकर 4830 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने और भी ज्यादा दम दिखाते हुए लगभग 8 प्रतिशत की छलांग लगाकर 82.74 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू लिया।

गौरतलब है कि 30 जनवरी को सोने की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसे 1983 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट माना जा रहा है। उस झटके के बाद बाजार में भय का माहौल बन गया था, लेकिन अब ताजा तेजी ने ट्रेंड बदलने के संकेत दिए हैं।

रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद ऐतिहासिक गिरावट, फिर तेजी की वापसी

सोने और चांदी में हालिया गिरावट इतनी तीखी थी कि सोना 5000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे फिसल गया। इस तेज गिरावट के चलते साल की अब तक की कमाई का बड़ा हिस्सा मिट गया। वहीं, चांदी पर गिरावट का असर और भी ज्यादा देखने को मिला। एक ही ट्रेडिंग सेशन में चांदी के दामों में करीब 27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो अब तक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है।

पिछले दो कारोबारी सत्रों की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना कुल मिलाकर 13 प्रतिशत से अधिक टूट चुका था, जबकि चांदी की कीमतों में लगभग 34 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। इस अचानक आए दबाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया था।

5594 डॉलर के रिकॉर्ड से 4700 तक फिसला सोना

सोने-चांदी में गिरावट का यह दौर उस लंबी और तेज रैली के बाद शुरू हुआ, जिसने सोने को 5594.82 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई तक पहुंचा दिया था। हालांकि, इसके बाद कीमतों में ऐसी गिरावट आई कि सोना सीधे 4700 डॉलर के आसपास आ गया। यानी, अब तक करीब 900 डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

इस तेज गिरावट के पीछे सिर्फ मुनाफावसूली ही नहीं, बल्कि कई वैश्विक फैक्टर भी जिम्मेदार रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को अगले फेडरल रिजर्व चेयर के तौर पर नामित किए जाने की खबर, इसके बाद CME ग्रुप द्वारा कीमती धातुओं के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर मार्जिन की जरूरत बढ़ाने का फैसला—इन सभी घटनाओं ने मिलकर सोने और चांदी पर दबाव बना दिया।