जोधपुर : 90 दिन और 25 लाख में बनी सड़क, खुलने के 3 दिन बाद ही उखड़े पत्थर

पाल रोड पर पाल बालाजी के सामने 150 मीटर की सड़क बनी जिसे 90 दिन और करीब 25 लाख रुपए लगाकार बनाया गया। सड़क पर शुक्रवार को ट्रैफिक खोला गया और सोमवार तक तो सड़क ही खुल गई। पत्थर पूरी तरह बिखर गए और खतरनाक तरीके से टूटकर नुकीले होकर निकल आए। अब यह पत्थर वाहनों और चालकों के लिए खतरा बन रहे हैं। भास्कर ने जिम्मेदारों से कारण पूछा तो जवाब मिला कि अभी तो ट्रायल चल रहा है। कहीं से सड़क टूट जाएगी तो उसे ठीक कर देंगे।
इस रोड के इंतजार में रोजाना गुजरने वाले 20 हजार वाहनों ने पूरे 3 महीने रॉन्ग साइड में चलने का कष्ट और रिस्क लिया। बदले में जोधपुर के विकास के प्राधिकरण, जेडीए ने शहरवासियों को ऐसी सड़क दी है जो उन्हें आराम नहीं आफत देगी।

मानसून से ही टूटी थी सड़क, अक्टूबर से निर्माण जारी था

शहर की सबसे व्यस्ततम सड़क में से एक पाल रोड पर पाल बालाजी के सामने डेढ़ साै मीटर लंबी सड़क मानसून में ही छलनी हो गई थी। इसे दुरुस्त करने के लिए जेडीए ने दिवाली से पूर्व टेंडर निकाला। तकरीबन 20 से 25 लाख के टेंडर पर काम दिया गया। 5 अक्टूबर को 150 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़े भाग पर छीतर रोड का काम शुरू हुआ।इन तीन महीनों में रोजाना हजारों वाहन रेंगते हुए रॉन्ग साइड से गुजरते। इससे ना केवल ट्रैफिक में व्यवधान पड़ा बल्कि वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहां प्रतिदिन 20 हजार से ज्यादा दो पहिया, चार पहिया वाहनों के साथ-साथ बड़े वाहनों का भी दबाव रहता है। पाल रोड पर छीतर के पत्थर की सड़क को डामर से जॉइंट किया जा रहा है। जिम्मेदारों का कहना है कि इस जॉइंट से दो पत्थरों में दबाव सहन होगा। सीसी का जॉइंट होने से टूटने का खतरा बना रहेगा।

एक्सईएन सुबोध माथुर ने कहा कि पाल रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव में सड़क टिकी रहे, इसके लिए ही छीतर के पत्थर लगाए हैं। पत्थर के बीच में डामर से जाॅइंट भर रहे हैं, ताकि पत्थर बिखरे नहीं। अभी ट्रायल चल रहा है, अगर कहीं से सड़क टूट जाएं तो उसे ठीक कर देंगे।