बिहार विधानसभा सत्र शुरू, सम्राट चौधरी साबित करेंगे बहुमत

बिहार विधानसभा का नया सत्र औपचारिक रूप से प्रारंभ हो चुका है। इस बार सदन की कार्यवाही में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े कोई नेता सदन की अगुवाई कर रहे हैं। सम्राट चौधरी इस सत्र में सरकार की ओर से बहुमत साबित करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कुल 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए गठबंधन के पास 201 विधायकों का मजबूत आंकड़ा है, जिसके चलते सरकार के लिए बहुमत साबित करना लगभग औपचारिकता माना जा रहा है। विपक्ष के नेता भी इस संख्याबल को लेकर ज्यादा संशय में नहीं हैं।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सदन में स्वीकार किया कि विपक्ष के पास संख्या बल बेहद सीमित है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के दौरान विपक्ष की आवाज को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर संतुलित निर्णय हो सके।

तेजस्वी यादव का तीखा हमला: “बिहार में बार-बार बदल रही सरकारें”

विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कई तरह के राजनीतिक समीकरण और दावे किए गए थे, लेकिन वास्तविकता कुछ और रही। उनके अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बिहार में लगातार सत्ता परिवर्तन देखने को मिला है, जो पहले कभी इस स्तर पर नहीं हुआ था।

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सभी दलों की स्थिति मिली-जुली है और किसी को पूरी तरह शुद्ध राजनीतिक पहचान के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने सम्राट चौधरी और अन्य नेताओं का नाम लेते हुए राजनीतिक पृष्ठभूमि पर भी टिप्पणी की और कहा कि आज की राजनीति में कई नेता अलग-अलग राजनीतिक परंपराओं से आए हैं।
नई सरकार में JDU के सीमित प्रतिनिधित्व पर चर्चा

नए मंत्रिमंडल में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के केवल दो वरिष्ठ नेताओं—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव—को शामिल किया गया है, जिन्हें उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नई सरकार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पूरा समर्थन और मार्गदर्शन प्राप्त है।

उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि एनडीए के भारी बहुमत के चलते सरकार आसानी से विश्वास मत हासिल कर लेगी और विकास कार्यों को गति दी जाएगी। सरकार का फोकस नीतियों को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने पर रहेगा।

एनडीए गठबंधन की मजबूत स्थिति

बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में जनता दल यूनाइटेड के अलावा कई अन्य सहयोगी दल भी शामिल हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, तथा उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इन पांच दलों के इस गठबंधन ने पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 243 में से 202 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिससे राज्य में एनडीए की स्थिति काफी मजबूत हो गई थी। इस भारी बहुमत के आधार पर सरकार अब अपने विधायी और प्रशासनिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।