राजस्व अधिकारी ग्रेड-द्वितीय और अधिशासी अधिकारी वर्ग-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा 23 मार्च, 20 मार्च को जारी होंगे प्रवेश-पत्र

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से राजस्व अधिकारी ग्रेड-द्वितीय एवं अधिशासी अधिकारी वर्ग-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2022 का दोबारा आयोजन आगामी 23 मार्च को दोपहर 12 से 2 बजे तक होगा। परीक्षा में ओएमआर उत्तर पत्रक के पांचवे विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि अभ्यार्थियों को आवंटित परीक्षा जिले की जानकारी 16 मार्च से एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर मिल सकेगी। परीक्षा के प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल पर 20 मार्च को जारी किए जाएंगे। प्रवेश-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से आवेदन-पत्र क्रमांक और जन्म तिथि को प्रविष्ठ कर डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी प्रवेश-पत्रों को डाउनलोड किया जा सकता है।

एक घंटा पहले पहुँचना होगा


मेहता ने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी और अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र और मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन और नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, को लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना होगा।
मेहता ने बताया कि आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन और झांसा देता है, तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग के कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 और 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है।