राजस्थान : आठ नए जिलों में होगा जिला परिषदों का गठन, एक साथ हो सकते हैं 305 शहरी निकायों में चुनाव!

जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार एक राज्य-एक चुनाव के तहत आगे बढ़ रही है। यदि पंचायत और निकायों के चुनाव एक साथ कराने पर एक राय नहीं बनती है तो कम से कम सभी निकायों के चुनाव तो एक साथ कराए जाएंगे। नवम्बर में 6 नगर निगमों के बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राजस्थान के सभी 305 शहरी निकायों में एक साथ चुनाव हो सकते हैं। चुनाव इस वर्ष अक्टूबर-नवम्बर में कराने पर मंथन चल रहा है।

इनमें जयपुर हैरिटेज व ग्रेटर, जोधपुर व कोटा के दोनों उत्तर-दक्षिण नगर निगम शामिल है। दिसम्बर में 50 और अगले वर्ष जनवरी में 90 निकायों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। जबकि 111 निकायों में प्रशासक नियुक्त किए जा चुके हैं और बाकी निकाय नवगठित हैं, जहां पहली बार चुनाव होने हैं। प्रदेश में 140 नगरीय निकायों का बोर्ड दिसम्बर और जनवरी में खत्म होगा। सरकार की मंशा है कि इन निकायों के चुनाव भी अक्टूबर या नवम्बर में ही करा लिए जाएंगे।

इसी कारण पहले चुनाव कराने की राह तलाश रहे हैं। ऐसा होता है तो कार्यकाल पूरा होने से पहले बोर्ड भंग करना पड़ेगा। हालांकि, यह इतना आसान नहीं है, क्योंकि कानूनी अड़चन और राजनीतिक विरोध की आशंका भी रहेगी।

पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में नए बनाए गए जिलों में से यथावत रखे गए आठ जिलों में सरकार जिला परिषदों का गठन करेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई जिला परिषदों के गठन एवं प्रभावित जिला परिषदों के पुनर्गठन से संबंधित कार्रवाई के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम के तहत संबंधित जिलों (8 नए जिले एवं 12 प्रभावित जिलों) के कलक्टर पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों के आधार पर जिला परिषद के गठन एवं पुनर्गठन प्रस्ताव तैयार करेंगे।

इससे प्रभावित पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों के नवसृजन एवं पुनर्गठन के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे। जिला कलक्टरों की ओर से इन प्रस्तावों को सार्वजनिक कर 1 माह में आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इनके निस्तारण के बाद प्रस्तावों को राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इन प्रस्तावों के परीक्षण एवं अनुमोदन के पश्चात नवगठित/पुनर्गठित जिला परिषदों, पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी की जाएगी।

वार्डों का परिसीमन शुरू


सरकार ने पिछले दिनों शहरी निकायों के पुनर्गठन के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित कर चुकी है। यह कमेटी नगर निगम, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की सीमाओं में बदलाव करने और नए निकाय-वार्ड गठन और खत्म करने का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के संयोजक में बनी कमेटी में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, वन मंत्री संजय शर्मा और सहकारिता मंत्री गौतम कुमार सदस्य हैं। उधर, प्रदेश के 46 जिलों में 158 शहरी निकायों में परिसीमन प्रक्रिया चल रही है।
इन जिलों में होगा जिला परिषदों का गठन

8 नए जिलों फलौदी, बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन और सलूम्बर में जिला परिषदों का गठन होगा। पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों का भी पुनर्गठन किया जाएगा।