बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। यह भेंट सात सर्कुलर रोड स्थित नीतीश कुमार के निवास पर हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्हें नीतीश कुमार के अनुभव और मार्गदर्शन से सीखने का अवसर मिला।
उन्होंने अपने संदेश में कहा, “आज पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर आत्मीय मुलाकात हुई। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से प्रेरणा प्राप्त हुई।” इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
नीतीश कुमार के आवास पर हुई अहम बातचीतदोनों नेताओं की यह मुलाकात सात सर्कुलर रोड स्थित आवास पर हुई, जहां नीतीश कुमार वर्तमान में रह रहे हैं। गौरतलब है कि नीतीश कुमार लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं, और हाल ही में उन्होंने एक अणे मार्ग स्थित आधिकारिक मुख्यमंत्री आवास को खाली कर दिया था। इसके बाद वे सात सर्कुलर रोड स्थित पुराने आवास में स्थानांतरित हो गए।
इस बदलाव को लेकर उनके पुत्र और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत कुमार ने भी पुष्टि की थी कि परिवार अब स्थायी रूप से नए आवास में रह रहा है।
अशोक चौधरी से भी हुई मुलाकात, बढ़ी सियासी चर्चानीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक चौधरी से भी बातचीत की। इस दौरान दोनों के बीच कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी एजेंडे की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान कैबिनेट विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ होगा।
सात सर्कुलर रोड का पुराना राजनीतिक महत्वनीतीश कुमार का सात सर्कुलर रोड स्थित आवास उनके लिए नया नहीं है। इसका बिहार की राजनीति से पुराना जुड़ाव रहा है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जब उनकी पार्टी को बड़ा झटका लगा था और मात्र दो सीटें ही मिल सकी थीं, तब उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
उस समय उन्होंने सत्ता की जिम्मेदारी जीतन राम मांझी को सौंपी थी और स्वयं एक अणे मार्ग छोड़कर सात सर्कुलर रोड स्थित इसी आवास में आकर रहने लगे थे। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के चलते यह स्थान बिहार की राजनीतिक गतिविधियों का अहम केंद्र माना जाता रहा है।
सियासी हलचल के बीच बढ़ी अटकलेंइन मुलाकातों के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। कैबिनेट विस्तार को लेकर संभावनाओं और कयासों का बाजार गर्म है। हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले दिनों में राज्य की सियासत को नया मोड़ दे सकता है।