बाड़मेर के खोखसर गांव के रेगिस्तान से एक दिल दुखाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां, भीषण गर्मी के चलते पानी की तलाश में भटकते एक ऊंट की मौत हो गई है। ऊंट ने पानी की सूखी टंकी (हौदी) के पास पहुंचकर दम तोड़ दिया। पानी की तलाश में पहुंचे ऊंट का मुंह हौदी में लटका रह गया और उसका दम टूट गया। ऊंट की इस तस्वीर ने लोगों को विचलित कर दिया और उनका गुस्सा राज्य सरकार पर निकल रहा है क्योंकि, जलदाय विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति करने में नाकाम रहा है।
ऊंट की यह तस्वीर थार के रेगिस्तान में पेयजल संकट को साफ बयां कर रही है कि क्षेत्र में हालात कितने खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि इस टंकी में एक माह में एक या दो बार से ज्यादा पानी नहीं आता। ग्रामीणों का कहना है कि इस टंकी पर पहले भी कई पशु पानी न मिलने के कारण दम तोड़ चुके हैं। बायतु विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके रालोपा के उम्मेदाराम बेनीवाल का कहना है कि राज्य सरकार को ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट का समाधान करने का काम प्राथमिकता से करना चाहिए। बता दे, रेगिस्तान का जहाज कहलाने वाला ऊंट अमूमन सात से दस दिन तक बगैर पानी पिए रह सकता है।
आपको बता दे, राजस्थान में गुरुवार को कोरोना के 238 नए राेगी सामने आए और 6 मरीजों ने दम तोड़ा। जयपुर में 2, दौसा, बारां, भरतपुर में एक-एक तथा बाहरी राज्य के एक व्यक्ति की गुरुवार काे माैत हुई। जोधपुर में 62, अलवर में 44, जयपुर में 38, अजमेर में 14 और धौलपुर में 12 संक्रमित मिले। राज्य में अब मरीजों का आंकड़ा 11 हजार 838 पर पहुंच गया, इनमें से 2 हजार 798 एक्टिव केस हैं। प्रदेश में कोरोना से 265 मौतें हो चुकी हैं।