आज पेट्रोल 2.69 और डीजल 2.33 रुपये हुआ सस्ता

पेट्रोल और डीजल के दामों में बुधवार को फिर गिरावट हुई है। पेट्रोल के दाम 2 रुपए 69 पैसे और डीजल के भाव में 2 रुपए 33 पैसे की गिरावट आई है। गिरावट के बाद पेट्रोल 70.29 और डीजल 63.01 पैसे हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट से पेट्रोल का भाव सोमवार को 8 महीने में पहली बार 71 रुपए प्रति लीटर से नीचे आया था। सऊदी अरब और रूस के बीच तेल बाजार में कीमत युद्ध (मूल्य घटाने की होड़) छिड़ने से सोमवार को कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार में 31% तक टूट गया था। सोमवार को ब्रेंट कच्चा तेल भाव 31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। गोल्डमैन सैश ने चेतावनी दी है कि भाव 20 डॉलर तक जा सकता है। भारत अपनी जरुरत का 84% से अधिक तेल आयात करता है। कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमी से देश के आयात बिल में कमी आएगी और इससे खुदरा कीमतें भी कम होंगी। हालांकि इससे पहले से दबाव में चल रही ओएनजीसी जैसी कंपनी की हालत और खराब होगी। यद्यपि विभिन्न क्षेत्रों के लिए लागत कम होने से देश की अर्थव्यवस्था को थोड़ा फायदा होगा। इससे कई क्षेत्रों के लिये कच्चे माल की लागत कम होगी।
डॉलर के मुकाबले गिरा रुपया

डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को 23 पैसे गिरकर 74.10 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपए के कमजोर होने से भारत को विदेशों से समान मात्रा में सामान खरीदने के लिए अब अधिक भुगतान करना होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार इस महीने में खत्म होने वाले वित्त वर्ष 2019-20 में 22.5 करोड़ टन कच्चे तेल के आयात पर भारत को कुल लगभग 105.58 अरब डॉलर या 7.43 लाख करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। जबकि 2018-19 में 22.65 करोड़ टन कच्चे तेल के आयात पर भारत ने 111.9 अरब डॉलर यानी 7.83 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया था। 2019-20 के लिए भुगतान का यह अनुमान कच्चे तेल की औसत कीमत 66 डॉलर प्रति बैरल और स्थानीय मुद्रा के 71 रुपए प्रति डॉलर पर रहने को आधार बनाया गया।