देश भर में बुधवार को सर्वाधिक 450 नए मामलों के साथ संक्रमित लोगों की संख्या 1900 के पार हो गयी है और अब तक 59 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में बुधवार को 32 नए मामले सामने आए है। इनमे से 29 निजामुद्दीन से निकाले गए तबलीगी जमात के लोग है।
आपको बता दे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित निजामुद्दीन दरगाह में मरकज़ के दौरान मौलाना साद ने लॉकडाउन में भी भीड़ जुटाने की आह्वान किया था। मौलाना का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसने कहा था, 'यह ख्याल बेकार है कि मस्जिद में इकट्ठा होने से बीमारी होगी। मैं कहता हूं अगर तुम्हें यह दिखे भी कि मस्जिद में आने से आदमी मर जाएगा तो इससे बेहतर कोई जगह नहीं।' उन्होंने कहा- अल्लाह पर भरोसा रखो। मौलाना साद कथित रूप से आगे कहते हैं कि अल्लाह कोई मुसीबत इसलिए लेकर आता है ताकि देख सके कि इसमें मेरा बंदा क्या करेगा। कोई कहे कि मस्जिदों को बंद कर देना चाहिए। ताले लगा देना चाहिए, क्योंकि इससे बीमारी बढ़ेगी तो आप इस ख्याल को दिल से निकाल दें।
यह ऑडियो वायरल होने के बाद मौलाना साद अंडरग्राउंड हो गया। हिन्दी दैनिक 'अमर उजाला' की एक रिपोर्ट के अनुसार मौलाना साद के वायरल ऑडियो की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। वहीं, पुलिस का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो 23 मार्च का बताया जा रहा है। इसमें पुलिस को निजामुद्दीन में धार्मिक आयोजन पर डांटते हुए सुना जा सकता है।
देश भर में वायरस फैलाने की साजिश!एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तबलीगी जमात में मौजूद देश-विदेश के मौलाना 'देश विरोधी गतिविधियों' को हवा दे रहे थे। हिन्दी अखबार 'दैनिक जागरण' की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां मौजूद लोग वायरस को हथियार बनाकर देश भर में तबाही करने की सोच रहे थे। इसी वजह से लोगों को मरकज़ में छिपाया गया और जब पुलिस ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की तो वे हमलावर हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने दावा किया कि जांच एजेंसियों को शख है कि कोरोना को फैलाकर देश को आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही थी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 मार्च को ही इस बात की जानकारी सामने आने लगी थी कि यहां कोरोना संक्रमण फैल रहा है लेकिन इन्होंने ना तो स्वास्थ्य विभाग से कोई मदद मांगी और ना ही प्रशासन की मदद करने को राजी थे।
6,000 से ज्यादा लोगों की पहचानबता दें कि कोविड-19 के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के आयोजन में शिरकत करने वाले 6,000 से ज्यादा लोगों की पहचान की जा चुकी है। जमात में हिस्सा लेने वाले 5,000 से ज्यादा लोगों को पृथक तौर पर रखा गया है। इनमें से कुछ लोगों को राज्यों के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही गुजरात, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित अन्य जगहों पर 2,000 अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। इस सूची में विदेशी भी शामिल हैं, जबकि राज्य के अधिकारियों ने ऐसे कुछ लोगों की पहचान की है जो दिल्ली से अपने अपने गृह नगर नहीं लौटे हैं। प्रशासन का कहना है कि मामलों में इतनी बढ़ोतरी तबलीगी जमात के कारण हुई है।
आइसोलेशन सेंटर में डॉक्टर्स पर थूकने लगे तबलीगी जमात के लोगनिजामुद्दीन से निकाले गए तबलीगी जमात के लोगों को एक क्वारंटीन सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उन्होंने डॉक्टर्स और अन्य कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और यहां तक कि उनके ऊपर थूका भी। ये लोग अपनी जांच और इलाज में डॉक्टरों का बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। ये लोग बुधवार को सुबह से ही अनियंत्रित थे और खाने पीने की अनुचित मांग कर रहे थे। उन्होंने क्वारंटाइन सेंटर के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। इतना नहीं वहां काम करने वाले लोगों और डॉक्टर्स पर थूकना भी शुरू कर दिया। कोरोना वायरस को फैलने में थूक बड़ी भूमिका अदा करता है। वे हॉस्टल बिल्डिंग में जहां-तहां घूम रहे थे।