बीते दिनों निर्देश दिए गए थे कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक पर खुद की लाई हुई गाड़ी से ही ट्रायल देना होगा लेकिन ऐसे लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। ड्राइविंग ट्रैक में सिर्फ बिचौलियों की गाड़ियां ही पास हो रही है। इसलिए कुछ गाड़ियों से 8 से 11 तक ट्रायल होना सामने आया है, जबकि आरटीओ ने निर्देश दिए हुए हैं कि एक गाड़ी से एक ही ट्रायल हो, लेकिन जो लोग निजी गाड़ियां ले जा रहे हैं वे फेल हो रहे हैं।
पहले जहां 32 से 51 लाइसेंस ही परमानेंट हो रहे थे वहीं अब इनकी संख्या रोजाना 88 से 111 तक जा पहुंची है। उधर विद्याधर नगर आरटीओ आफिस में जहां ट्रैक नहीं हैं वहां पर 148 से 155 तक लाइसेंस बनाए जा रहे हैं।