सिंगरावट में खाना बनाने के दाैरान मिर्गी का दौरा आने पर जलते चूल्हे में सीने के बल गिरी बुजुर्ग महिला की माैत हाे गई। हादसे के दाैरान महिला के पास काेई माैजूद नहीं था। उसके कपड़ाें ने आग पकड़ी और चिल्लाई ताे उसकी 19 वर्षीय बेटी ने आग बुझाकर झुलसी मां काे अस्पताल पहुंचा दिया था।
जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। धाेद थानाधिकारी अमित नागाैरा ने बताया कि सिंगरावट गांव में 55 साल की छाेटी देवी पत्नी रामगाेपाल बीमार थी और उसकाे मिर्गी के दाैरे भी आते थे। दिन में वह अपने चूल्हे पर खाना बना रही थी। इस दाैरान अचानक उसकाे दाैरा आ गया और वह जल रहे चूल्हे में गिर पड़ी। हाे-हल्ला सुनकर उसकी बेटी उसकाे बचाने दाैड़ी।
तब-तक उसके कपड़ाें ने आग पकड़ ली थी। इसके बाद उसके परिवार के लाेग छाेटी देवी काे लाेसल के अस्पताल में लेकर गए। उसका शरीर 50 फीसदी जल जाने से यहां से उसे सीकर रैफर कर दिया गया। सीकर में एसके अस्पताल के बर्न वार्ड में उसकाे भर्ती करा दिया था। छाेटी देवी की बहन के बेटे नटवर के अनुसार यहां उसकी माैसी का इलाज चल रहा था। लेकिन, बाद में उपचार के दाैरान ही उसकी माैत हाे गई थी।चार साल से ले रही थी दवा
छाेटी देवी के पति की माैत पहले ही हाे चुकी थी। उसका चार साल से जयपुर का इलाज चल रहा था। उसके सात बेटा-बेटी हैं। इनमें एक अविवाहित है। घटना के दाैरान छाेटी देवी की बेटी बाहर थी। आग से बचाव के लिए उसकाे सात से आठ मिनट अकेली ही संघर्ष करना पड़ा। ज्यादा जल जाने पर उसके पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया और उसकी माैत हाे गई।