NPR में इस बार जोड़े गए ये 8 नए सवाल, कुल 21 बिंदुओं पर जानकारी मांगी जाएगी

भारत की जनगणना-2021 की प्रक्रिया शुरू करने और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने की मोदी कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) पर चल रहे घमासान के बीच एनपीआर की प्रक्रिया को मंजूरी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। विपक्षी दलों की तरफ से एनपीआर को एनआरसी की दिशा में पहला कदम बताया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि एनपीआर और एनआरसी का आपस में कोई लेना-देना नहीं है और न ही इससे किसी की नागरिकता को कोई खतरा है। NPR पर मोदी कैबिनेट की मंजूरी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) के बीच कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि NPR में नाम नहीं होने पर किसी की भी नागरिकता नहीं जाएगी। इसे लेकर विपक्ष अफवाह फैला रहा है। किसी अल्पसंख्यक को NPR से डरने की कोई जरूरत नहीं है।
एनपीआर पहली बार 2010 में यूपीए की सरकार में शुरू हुआ था। सारे लोगों का एक कार्ड मनमोहन जी ने वितरित किया था। 2015 में इसका अपडेशन हुआ था। एनपीआर के दो प्रमुख उद्देश्य बताए गए थे। पहला- देश के सभी निवासियों के व्यक्तिगत ब्योरे का इकट्ठा करना। दूसरा-ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के 15 साल और इससे ज्यादा उम्र के सभी निवासियों के फोटोग्राफ और अंगुलियों की छाप लेना। 2010 के इस राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को बनाने के लिए 15 बिंदुओं पर डेटा इकट्ठा किया गया था।

1- व्यक्ति का नाम

2- मुखिया से संबंध

3- पिता का नाम

4- माता का नाम

5- पत्नी/पति का नाम

6- लिंग

7- जन्मतिथि

8- वैवाहिक स्थिति

9- जन्म स्थान

10- घोषित राष्ट्रीयता

11- सामान्य निवास का वर्तमान पता

12- वर्तमान पते पर रहने की अवधि

13- स्थायी निवास का पता

14- व्यवसाय/कार्यकलाप

15- शैक्षणिक योग्यताअंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, नए NPR यानी 2020 में आने वाले NPR में आठ नए बिंदु जोड़े गए हैं। जबकि पिता का नाम, माता का नाम और पत्नी/पति का नाम एक ही सवाल में निहित कर दिया गया है। इस तरह नए NPR में कुल 21 बिंदुओं पर जानकारी मांगी जाएगी, जिनमें ये 8 नए बिंदु जोड़े गए हैं।

1- आधार नंबर (इच्छानुसार)

2- मोबाइल नंबर

3- माता-पिता का जन्मस्थान और जन्मतिथि

4- पिछला निवास पता (पहले कहां रहते थे)

5- पासपोर्ट नंबर (अगर भारतीय हैं तो)

6- वोटर आईडी कार्ड नंबर

7- पैन नंबर

8- ड्राइविंग लाइसेंस नंबर

यानी ये तमाम जानकारियां देश में रहने वाले सभी लोगों (असम को छोड़कर) से पूछी जाएंगी और इनके आधार पर राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अपडेट किया जाएगा।आपको बता दे, 'जनसंख्या रजिस्टर का मतलब यह है कि इसमें किसी गांव या ग्रामीण इलाके या कस्बे या वार्ड या किसी वार्ड या शहरी क्षेत्र के सीमांकित इलाके में रहने वाले लोगों का विवरण शामिल होगा। नैशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर (NPR) के तहत 1 अप्रैल, 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक नागरिकों का डेटाबेस तैयार करने के लिए देशभर में घर-घर जाकर जनगणना की तैयारी है। देश के सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना NPR का मुख्य लक्ष्य है। इस डेटा में जनसांख्यिकी के साथ बायोमीट्रिक जानकारी भी होगी। इसमें व्यक्ति का नाम, पता, शिक्षा, पेशा जैसी सूचनाएं दर्ज होंगी। NPR में दर्ज जानकारी लोगों द्वारा खुद दी गई सूचना पर आधारित होगी और यह नागरिकता का प्रमाण नहीं होगा। बाहरी व्यक्ति भी अगर देश के किसी हिस्से में छह महीने से रह रहा है तो उसे भी एनपीआर में दर्ज होना है।