तूफान निसर्ग को लेकर BMC के टिप्स - क्या करें, क्या नहीं

तेज गति के साथ तूफान निसर्ग अलीबाग के तट से टकराया है। अलीबाग में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में 3 घंटे लगेंगे। कुछ देर पहले चक्रवात निसर्ग की वर्तमान स्थिति मुंबई से 95 किमी दूर दक्षिण की ओर स्थित थी। सूरत से इसकी दूरी 325 किमी दक्षिण की ओर थी। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से टकराया है। मौसम विभाग के मुताबिक मुंबई के ज्यादातर इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। बीती एक सदी (100 साल) में ये पहला चक्रवाती तूफ़ान है जो महाराष्ट्र के तट से टकराएगा। कोरोना की मार झेल रहे मुंबई और उसके आसपास के जिलों को निसर्ग के संभावित खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट पर रखा गया है। निसर्ग तूफान को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने नागरिकों के लिए क्या करें और क्या करने से बचे इसे लेकर सूची जारी की है।



क्या करने की सलाह-

- जरूरी कागज़ातों और आभूषणों को प्लास्टिक बैग में रखें

- बैटरी से चलने वाले उपकरणों के साथ रिजर्व पावर सिस्टम का नियमित निरीक्षण

- टीवी और रेडियो पर आधिकारिक निर्देशों पर ध्यान दें

- आपात स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों का अभ्यास करें

- यदि आप मिट्टी के घर / झोपड़ी में नहीं रहते हैं, तो घर के एक हिस्से को आपातकालीन आश्रय के रूप में चुनें और घर के सदस्य चक्रवात के दौरान उस जगह का उपयोग कैसे करेंगे इसका अभ्यास करें।

- एक आपातकालीन किट तैयार रखें

- खिड़कियों से दूर रहें। कुछ खिड़कियां बंद करें और कुछ खुली रखें ताकि दबाव बना रहे।

- कमरे के केंद्र में रहें। कमरे के कोनों से दूर रहें क्योंकि अक्सर कोनों में मलबा जमा हो जाता है।

- मजबूत फर्नीचर जैसे कि स्टूल या भारी टेबल या डेस्क के नीचे रहें।

- सिर और गर्दन की सुरक्षा के लिए अपने हाथों का उपयोग करें

- ऑडिटोरियम या शॉपिंग मॉल जैसे स्थानों से बचें।

- पूर्वनिर्धारित या प्रशासन निर्धारित स्थान पर जाएं।

- सभी गैर-जरूरी उपकरणों और टूल्स की बिजली सप्लाई बंद करें।

- पीने का पानी साफ जगह पर स्टोर करें।

- फंसे हुए या घायल लोगों की मदद करें। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार दें।

- एयर लीक की जांच करें। यदि आपको गैस लीक होने की बदबू आती है या कोई आवाज सुनाई देती है, तो तुरंत खिड़कियां खोलें और इमारत से बाहर निकलें। यदि संभव हो, तो गैस वाल्व बंद करें और गैस कंपनी को रिपोर्ट करें।

- बिजली के उपकरणों की जांच करें। यदि किसी तरह का स्पार्क, नंगे तार या रबड़ जलने की गंध आए तो बिजली आपूर्ति बंद कर दें और इलेक्ट्रीशियन को बुलाएं।

- शारीरिक रूप से विकलांग, बुजुर्ग, पड़ोसी और बच्चों की आवश्यकता पड़ने पर मदद करें।
क्या नहीं करने की दी सलाह

- अफवाहों पर भरोसा करने और फैलाने से बचें।

- चक्रवात के दौरान वाहन को चलाने या फिर किसी वाहन में सवारी की कोशिश न करें।

- क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहें।

- घायल लोगों को दूसरी जगह तब तक शिफ्ट नहीं करें जब तक कि ऐसा करना बिल्कुल सुरक्षित न हो। इससे अधिक नुकसान हो सकता है।

- तेल और अन्य ज्वलनशील पदार्थों को फैलने से रोकें। तुरंत साफ करें।