लोकसभा चुनवा 2014 : 1 लाख वोटों के अंतर से हारने वाले अरूण जेटली को मिला था वित्त मंत्रालय, स्मृति ईरानी को भी मिली केबिनेट में जगह

लोकसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही माहौल गरमाने लगा हैं और सभी ओर चुनावी चहल-पहल शुरू हो चुकी हैं। राजनितिक पार्टियों ने भी अपने प्रत्याक्षियों की घोषणा करना शुरू कर दिया हैं। देश की 543 लोकसभा सीटों पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए कई प्रत्याक्षी नामांकन भरेंगे। 2014 के लोकसभा चुनावों में कई प्रत्याक्षियों ने जीत दर्ज कराने और अपनी किस्मत आजमाने के प्रयास किए थे। लेकिन सबसे ज्यादा किस्मत के धनी रहे अरूण जेटली और स्मृति ईरानी जिन्हें बड़े अंतर के साथ चुनाव हारने के बाद भी केबिनेट में जगह मिली। यहां बात हो रही है मोदी की 'छोटी बहन' और अमेठी से कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से चुनावों में मुंह की खाईं स्मृति ईरानी (Smriti Irani) और अमृतसर से कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह से चुनावों में हारे पार्टी के कद्दावर नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) की।

बीजेपी की 'तुलसी' राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से तकरीबन 1,07,903 वोटों से चुनाव हारी थीं, लेकिन उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय देकर यह बता दिया गया है कि कुछ भी हो मजबूत आदमी का साथ है तो मजबूत विभाग भी उनके ही खाते में जाएगा।

ऐसे ही पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह से 1,02,770 मतों के अंतर से हारे बीजेपी के दिग्गज नेता अरुण जेटली को भी हारने का बेहतरीन अवॉर्ड मिला है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और अपने विश्वसनीय सहयोगी अरुण जेटली को मोदी ने वित्त मंत्रालय जैसा विभाग देकर यह जता दिया कि हार जीत कोई मायने नहीं रखती। मालूम हो कि जेटली पहली बार लोकसभा चुनाव में उतरे थे, लेकिन पंजाब में अकाली दल-बीजेपी गठबंधन की सरकार होने के बावजूद मिली हार इनके लिए चांदी साबित हुई।