करीब साढ़े 5 साल पहले 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म करने वाले तांत्रिक किशनलाल उर्फ किशन सिंह को भरतपुर की पॉक्सो कोर्ट के जज गजेंद्र पाल मोघा ने आजीवन कारावास और 45 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक महाराज सिंह सिनसिनवार ने बताया कि धिलावटी निवासी मुजरिम किशनलाल रोशिया का गांव में मोतीलाल के घर तंत्र-मंत्र करने जाता था।
जून, 2015 में मोतीलाल की बेटी पड़ोस में रहने वाली पीड़ित किशोरी को बुलाकर अपने घर ले आई। किशनलाल उसे यहां से मोटर साइकिल पर साथ ले गया। दुष्कर्म करने बाद उसे फरीदाबाद में रहने वाले उसके ताऊ के पास छोड़ आया। जब ताऊ ने उसके पिता को सारी बात बताईं तो पिता फरीदाबाद ले उसे लेकर आया और एफआईआर दर्ज कराई।पुलिस ने इस षड़यंत्र में पड़ोसी मोतीलाल और उसकी पत्नी मनजीत कौर को भी शामिल मानकर चालान पेश किया था। जज ने पीडि़ता के बयानों के आधार पर अभियुक्त किशनलाल को ही दोषी माना। जबकि दोनों पति-पत्नी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस मामले में पति-पत्नी की ओर से वकील प्रेम सिंह और किशनलाल की ओर से जमना प्रसाद ने पैरवी की।