कर्नाटक के शिवमोगा में गुरुवार रात करीब सवा 10 बजे विस्फोटक से भरे एक ट्रक में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसमें 8 मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, पत्थरों को तोड़ने के लिए विस्फोटक (जिलेटिन की छड़ें) ले जाया जा रहा था, तभी शिवमोगा के अब्बलगेरे गांव के पास ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई इलाकों के घरों और दफ्तरों के शीशे टूट गए। ऐसा दावा किया जा रहा है कि धमाके की वजह से इलाके के सड़कों पर दरार पड़ गई और सड़क टूट गई। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। शिवमोगा कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से करीब 350 किलोमीटर की दूरी पर है। यह कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का गृह जिला है।
कुछ लोगों का दावा है कि एक के बाद एक 50 डायनामाइट ब्लास्ट हुए। धमाके की वजह से आसपास के घरों के शीशे टूट गए। लोगों को लगा कि भूकंप आया, इसलिए लोग घबराहट में घरों से बाहर आ गए। विस्फोटक की गंध भी 8-10 किमी तक महसूस की गई।
शिवमोगा में हुए हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'लोगों के जान गंवाने को लेकर दुखी हूं। उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं। हादसे से प्रभावित हुए लोगों को राज्य सरकार जल्द मदद पहुंचाएगी।'
अब तक मिली खबर के अनुसार यह विस्फोटक कर्नाटक के शिवमोगा के हुनासोडू गांव में हुआ है। इस शक्तिशाली विस्फोटक को खनन के लिए ले जाया जा रहा था। पत्थर तोड़ने के एक स्थान पर रात करीब साढ़े दस बजे धमाका हुआ, जिससे न केवल शिवमोगा, बल्कि पास के चिक्कमगलुरु और दावणगेरे जिलों में भी झटके महसूस किए गए।
शिवमोगा ग्रामीण के विधायक अशोक नाइक ने बताया कि हर जगह धुआं ही धुआं था। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। शिवमोगा के डिप्टी कमिश्नर केबी शिवकुमार ने बताया कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। उन्होंने घटनास्थल पर और विस्फोटक पड़ा होने की आशंका जताई है।