राजधानी जयपुर में काेराेना संक्रमिताें की संख्या घटने और रिकवरी का आंकड़ा बढ़ने के बाद जनता और जिम्मेदार दोनों लापरवाह हो गए हैं। हालत यह है कि कोरोना गाइड लाइन तोड़ने वालों के खिलाफ जहां पुलिस की कार्रवाई सुस्त हुई है, वहीं नगर निगम के अधिकारियों ने बिल्कुल ही छूट दे दी है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही है। दूसरी ओर, पुलिस ने 5 दिन में सिर्फ 143 चालान किए हैं। नए साल की छुटि्टयों के कारण यहां इन दिनों काफी पर्यटक एकत्र हो रहे हैं। हालात यह है कि अधिकतर लोग ना तो मास्क लगा रहे हैं और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख रहे हैं।
सोमवार को ही श्रीगंगानगर में ब्रिटेन से आए तीन लोगों के कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमित होने की रिपोर्ट आई है, ऐसे में साफ है कि खतरा बरकरार है। थोड़ी सी लापरवाही हमें बीमार...बहुत बीमार बना सकती है। गौरतलब है कि दीपावली के बाद में जयपुर में काेराेना संक्रमित मरीजाें की संख्या सात साै से पार हाे गई थी।नगर निगम ग्रेटर व हैरिटेज के अधिकारियाें ने लाेगाें काे जागरूक करने के लिए मास्क वितरण किए थे और उसके बाद में साेशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने वाले और बिना मास्क घूमने वाले लाेगाें के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। 20 दिन में निगम ने खिलाफ एक भी कार्रवाई नहीं की है। इधर, सीईओ दिनेश यादव का कहना है कि कार्रवाई कैसे रुकी, इसकी जांच कराएंगे।