आईआरसीटीसी (IRCTC) 16 फरवरी से 'काशी महाकाल एक्सप्रेस' नाम की एक और प्राइवेट ट्रेन चलाने जा रही है। बता दे, इससे पहले नई दिल्ली-लखनऊ और मुंबई-अहमदाबाद के बीच दो तेजस एक्सप्रेस ट्रेन सफलतापूर्वक दौड़ रही हैं। यह तीसरी प्राइवेट ट्रेन वाराणसी से इंदौर के बीच चलेगी। रेल मंत्रालय से जारी जानकारी के अनुसार काशी महाकाल एक्सप्रेस को पहली बार 16 फरवरी को वाराणसी से रवाना की जाएगी। ट्रेन का उद्घाटन होने के बाद 20 फरवरी से आम आदमी इसकी सवारी कर पाएंगे। यह ट्रेन 16 फरवरी 2020 को वाराणसी से लॉन्च होगी। इसके बाद महाशिवरात्रि से ठीक एक दिन पहले 20 फरवरी से हफ्ते में 3 दिन चलेगी। इसमें 2 दिन ये लखनऊ होते हुए जबकि 1 दिन इलाहाबाद होकर वाराणसी जाएगी।
IRCTC ने बताया कि काशी महाकाल एक्सप्रेस से मध्य प्रदेश के इंदौर के समीप स्थित ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर (इंदौर), उज्जैन स्थित महाकालेश्वर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ तीन तीर्थस्थल जुड़ेंगे। इसके अलावा, उद्योग और शिक्षा का केंद्र इंदौर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को भी यह ट्रेन जोड़ेगी। वाराणसी और उज्जैन के बीच सप्ताह में तीन दिन चलने वाली यह ट्रेन उज्जैन, संत हीरानगर (भोपाल), बीना, झांसी, कानपुर, लखनऊ/प्रयागराज और सुलतानपुर से गुजरेगी।
इंडियन रेल कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) का कहना है कि काशी महाकाल एक्सप्रेस पूरी तरह एयरकंडीशंड (वातानुकूलित) होगी और इसमें सोने सोने के लिए बर्थ होगी। ट्रेन से रातभर में सफर तय किया जाएगा, हालांकि ट्रेन के समय के बारे में अभी घोषणा नहीं की गई है। IRCTC ने कहा कि रातभर के सफर को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में यात्रियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शाकाहारी भोजन, बेडरॉल और हाउसकीपिंग सर्विस जैसी सुविधाओं के साथ-साथ प्रत्येक यात्री को यात्रा के दौरान 10 लाख रुपये की यात्रा बीमा कवर भी दी जाएगी। IRCTC द्वारा चलाई जाने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस तीसरी कॉरपोरेट ट्रेन है।आपको बता दे, बजट 2020 में फाइनेंस मिनिस्टर ने ऐलान किया था कि 150 ट्रेनों को पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप (PPP) के तहत चलाया जाएगा।