जोधपुर : हाईकोर्ट ने खारिज की आसाराम की जमानत याचिका, जेल में ही कराना होगा इलाज

2013 में एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार होने के बाद से आसाराम जोधपुर जेल में बंद है। कोर्ट ने इस मामले में आसाराम को मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। आसाराम पंद्रह से अधिक बार जमानत हासिल करने का प्रयास कर चुका है। लेकिन उसे न केवल हाईकोर्ट बल्कि सुप्रीम कोर्ट तक से किसी प्रकार की राहत नहीं मिल पाई। वर्तमान में कोरोना संक्रमित होने के बाद आसाराम का AIIMS में इलाज चल रहा है और आसाराम ने केरल जाकर आयुर्वेद पद्धति से इलाज कराने के लिए दो माह की अंतरिम जमानत देने की याचिका लगाई थी जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया हैं।
कोरोना संक्रमित होने के बाद आसाराम की तरफ से राजस्थान हाईकोर्ट में दो माह की अंतरिम जमानत देने का गुहार लगाई थी। आसाराम की इस याचिका पर हाईकोर्ट ने जोधपुर AIIMS को उसकी मेडिकल जांच कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था। हाईकोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छवाह की खंडपीठ ने आज आसाराम की याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही दो माह के लिए जेल से बाहर आने की आसाराम की उम्मीदें दम तोड़ गईं।