ममता बनर्जी की कार पर पथराव, बोलीं- खिड़की खुली होती तो सिर फट जाता; बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी कार पर पथराव किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बैरकपुर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता के परिवार से मिलने के दौरान उनकी गाड़ी को निशाना बनाया गया। ममता बनर्जी के मुताबिक, जिस समय उनकी कार पर पत्थर फेंके गए, उस वक्त मौके पर पुलिस भी मौजूद थी।

ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी गाड़ी पर काफी बड़े पत्थर फेंके गए। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कार की खिड़कियां खुली होतीं तो पत्थर सीधे उनके सिर पर लग सकते थे और उनकी गंभीर चोट हो सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर उनके खिलाफ 'चोर-चोर' के नारे लगाए गए। ममता ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस बीजेपी को सुरक्षा देने का काम कर रही है।

बैरकपुर पहुंची थीं ममता बनर्जी


ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात करने के लिए बैरकपुर पहुंची थीं। इसी दौरान उनकी गाड़ी पर कथित तौर पर हमला किए जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद ममता बनर्जी ने इसे लेकर पुलिस और बीजेपी पर निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में ही कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि हमला इतना गंभीर था कि अगर गाड़ी की खिड़कियां खुली होतीं तो उनका सिर फट सकता था। ममता के मुताबिक, इस घटना में उनके साथ मौजूद लोग भी गंभीर खतरे में पड़ सकते थे।

उन्होंने कहा, पुलिस के सामने ही असामाजिक तत्वों ने मेरी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। गाड़ी पर हमला इतना जबरदस्त था कि अगर खिड़कियां खुली होतीं तो मेरा सिर फट जाता। हम सभी मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ। मैंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है? पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही है।

ममता बनर्जी ने घटना को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई।
बीजेपी ने घटना से किया किनारा

ममता बनर्जी की कार पर कथित पथराव को लेकर बीजेपी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी इस तरह की किसी भी कार्रवाई का समर्थन नहीं करती।

जब उनसे ममता बनर्जी की गाड़ी पर हुए कथित हमले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर किसी पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी पर कोई पत्थर, मिट्टी या चप्पल फेंकता है, तो बीजेपी उसका समर्थन नहीं करती। उन्होंने साफ किया कि इस घटना में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है।

समिक भट्टाचार्य ने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी पर कोई पत्थर फेंकता है, मिट्टी फेंकता है या चप्पल फेंकता है तो उसे भारतीय जनता पार्टी का समर्थन नहीं है। इसमें बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है। हम यह बिल्कुल नहीं चाहते कि राज्य की पूर्व महिला मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटनाओं से पश्चिम बंगाल की छवि प्रभावित होती है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, अगर वास्तव में ऐसी घटना हुई है तो पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

अग्निमित्रा पॉल बोलीं- यह बीजेपी की संस्कृति नहीं

इस पूरे मामले पर राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान भले ही कई ऐसे काम किए हों जिनसे बीजेपी सहमत नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनके साथ हिंसा, बदसलूकी या इस तरह की हरकतों का समर्थन किया जाए।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि वह नई सरकार की टीम का हिस्सा हैं और मुख्यमंत्री की समर्थक हैं। इसके बावजूद वह साफ तौर पर कहना चाहती हैं कि न तो वह, न उनकी पार्टी और न ही सरकार किसी के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार या किसी पर कीचड़, स्याही अथवा जूते-चप्पल फेंकने जैसी घटनाओं का समर्थन करती है।

उन्होंने कहा, उन्होंने पिछले 14 सालों में जो कुछ भी किया हो, लेकिन मैं इस नई सरकार की टीम की सदस्य और मुख्यमंत्री की समर्थक हूं। न मैं, न हमारी पार्टी और न ही हमारी सरकार मारपीट, बदसलूकी या कीचड़, स्याही या जूते फेंकने जैसी हरकतों का समर्थन करती है। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता। यह बीजेपी की संस्कृति नहीं है।

अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने भले ही कई गलतियां की हों या बीजेपी को उनके कई फैसलों पर आपत्ति रही हो, लेकिन इसका जवाब इस तरह की हिंसक या अपमानजनक हरकतों से नहीं दिया जा सकता।

उन्होंने कहा कि खास तौर पर किसी महिला और उसमें भी एक बुजुर्ग महिला के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का समर्थन नहीं किया जा सकता। अग्निमित्रा पॉल ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति खुद को बीजेपी का प्रतिनिधि बताकर इस तरह की हरकत करता है, तो वह गलत है और पार्टी ऐसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करती।