गोपाल कांडा पर BJP में उठने लगे विरोधी सुर, उमा भारती बोलीं- चुनाव जीतना अपराधों से बरी नहीं करता

हरियाणा विधानसभा में बीजेपी को 90 में से 40 सीटों पर जीत मिली है। वह बहुमत के आंकड़े से छह सीटे कम है। हालाकि, हरियाणा लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक गोपाल कांडा ने कहा कि मेरा और 6 निर्दलीय विधायकों का भाजपा को बिना शर्त समर्थन है। गोपाल कांडा ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ दिल्ली में बैठक की और खुद की रगों में आरएसएस का खून बताया। हालाकि, गोपाल कांडा के नाम पर बीजेपी घिरती हुई दिखाई दे रही है। इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर ही विरोधी सुर उठने लगे हैं। इसे लेकर भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारत की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने पार्टी को नसीहत देते हुए कई ट्वीट किए हैं। उमा भारती ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा है कि मुझे जानकारी मिली है कि गोपाल कांडा नाम के एक निर्दलीय विधायक का समर्थन भी हमें मिल सकता है। इसी पर मुझे कुछ कहना है। अगर गोपाल कांडा वही व्यक्ति है जिसकी वजह से एक लड़की ने आत्महत्या की थी तथा उसकी माँ ने भी न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या कर ली थी, मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, तथा यह व्यक्ति ज़मानत पर बाहर है। गोपाल कांडा बेकसूर है या अपराधी, यह तो कानून साक्ष्यों के आधार पर तय करेगा। लेकिन उसका चुनाव जीतना उसे अपराधों से बरी नहीं करता। चुनाव जीतने के बहुत सारे फैक्टर होते हैं।
उमा भारती ने कहा है कि मैं बीजेपी से अनुरोध करूंगी कि हम अपने नैतिक अधिष्ठान को न भूलें।' उन्होंने कहा, 'हरियाणा में हमारी सरकार जरूर बने, लेकिन यह तय करिए कि जैसे बीजेपी के कार्यकर्ता साफ-सुथरी जिंदगी के होते हैं, हमारे साथ वैसे ही लोग हों। हमारे पास तो नरेंद्र मोदी जी जैसी शक्ति मौजूद है, एवं देश क्या पूरे दुनिया की जनता मोदी जी के साथ है तथा मोदी जी ने सतोगुणी ऊर्जा के आधार पर राष्ट्रवाद की शक्ति खड़ी की है।

इसके साथ ही कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी गोपाल कांडा के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा गोपाल कांडा को लेकर बीजेपी नेताओं के बयान देख रहा था, और आज उसी कांडा से समर्थन ले रहे हैं जिसे कांग्रेस सरकार ने न सिर्फ सरकार से बाहर का रास्ता दिखाया था। कांडा के खिलाफ केस दर्ज है। लेकिन आज वो पवित्र हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हरियाणा में शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया, जहां दो को छोड़कर उसके सभी मंत्री चुनाव हार गए। बीजेपी को निर्णायक रूप से खारिज कर दिया गया है और हरियाणा में फिर से आया राम गया राजनीति का गवाह बन रहा है।