मध्यप्रदेश के एक अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां शाजापुर जिले के एक अस्पताल में बुजुर्ग मरीज को इलाज का बिल नहीं चुकाने के बाद पलंग से बांधकर रखा गया। हालांकि, अस्पताल ने अपनी सफाई में कहा कि मरीज को ऐंठन हो रही थी और इस कारण उसके हाथ और पैर बंधे हुए थे ताकि वह खुद को चोट न पहुंचा सके।
अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा कि इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण उन्हें ऐंठन हो रही थी। हमने उन्हें बांध दिया ताकि वह खुद को चोट न पहुंचा सके। डॉक्टर ने यह भी कहा कि अस्पताल ने मानवीय आधार पर उनके बिल को माफ कर दिया था।
मरीज की बेटी ने बताया कि जिस दिन पिता को अस्पताल में भर्ती किया, उसके पहले ही छह हजार रुपए जमा किए। दो दिन पहले पांच हजार रुपए और जमा किए थे। अस्पताल में हमने कहा कि अब हमारे पास रुपए नहीं हैं। आप पिता को लगाई पेशाब नली निकाल दो, हमें घर जाना है। इसके बाद हम फाइल लेने गए तो उन्होंने कहा कि 11,270 रुपए और जमा कराे, इसके बाद इन्हें घर लेकर चले जाना।
उन्होंने हमें फाइल भी नहीं दी। इस पर जब हम अस्पताल से जाने लगे तो वे पिता को पकड़कर ले गए और पलंग से बांध दिया। उन्होंने बीमार पिता को तीन-चार दिन से ठीक से खाना-पानी भी नहीं दिया। रुपए नहीं जमा करने के कारण बुजुर्ग पिता को बांध रखा। इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाजापुर स्थित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। जिला अस्पताल ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
वहीं, इस मामले पर जिला क्लेक्टर ने कहा कि हमने जांच के लिए एक टीम को अस्पताल भेजा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट आने वाली है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।